क्या सच में हो गई है ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत? सोशल मीडिया में किया जा रहा ये दावा
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को लेकर दावे और सवाल लगातार बढ़ते जा रहे हैं. जहां अमेरिका और इज़राइल उनकी मौत का दावा कर रहे हैं, वहीं सोशल मीडिया पर कई लोग उन्हें ज़िंदा बता रहे हैं. इसी बीच रॉ के पूर्व एजेंट लकी बिष्ट ने भी आधिकारिक दावों पर संदेह जताया है.
Israel Hama War: "खामेनेई अभी ज़िंदा हैं और लोगों को अफवाहों से दूर रहना चाहिए", यह सोशल मीडिया यूजर अब्दुल बादशाह का कहना है. ऐसे कई अन्य यूजर भी हैं जो दावा कर रहे हैं कि खामेनेई ज़िंदा हैं. मोहम्मद इमरान नाम के एक यूजर ने भी लिखा है कि यह पूरी तरह पुख्ता बात है कि खामेनेई जीवित हैं.
अमेरिका और इज़राइल ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई को मार दिया है. उधर रॉ के पूर्व एजेंट लकी बिष्ट ने भी खामेनेई की मौत पर संदेह जताया है. ज्ञात हो कि 28 फरवरी को इज़राइल और अमेरिका ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया था और ईरान की कई साइट्स पर हमले किए थे. इन हमलों का मकसद ईरान के राजनीतिक नेताओं को निशाना बनाना बताया गया था. पहले अमेरिका ने दावा किया कि हमलों में खामेनेई की मौत हो गई है और इसके कुछ घंटों बाद ईरान ने भी इस बात की पुष्टि कर दी.
सोशल मीडिया पर क्या चल रही है चर्चा?
सोशल मीडिया पर कई लोग खामेनेई के ज़िंदा होने का दावा कर रहे हैं. उनका कहना है कि ईरान इस बात को छिपा रहा है और इज़राइल के हमलों में उनकी मौत नहीं हुई है. कई सोशल मीडिया हैंडल से ‘Khamenei is still alive’ लिखकर पोस्ट किए जा रहे हैं.
क्या बोले रॉ के पूर्व एजेंट लकी बिष्ट?
लकी बिष्ट ने कहा कि दावा किया जा रहा है कि खामेनेई इज़राइल और अमेरिका के हमले में मारे गए. मुझे एक बात समझ नहीं आ रही है कि जितनी जल्दी इज़राइल और अमेरिका यह बात नहीं बोलते कि उन्होंने खामेनेई को मारा है, उससे ज्यादा जल्दी ईरान यह कबूल कर लेता है कि हमारे नेता नहीं रहे और हम 40 दिनों का शोक मना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि अगर उनके नेता को कुछ होता तो वे 10 दिनों तक यह नहीं बताते कि उनका नेता ज़िंदा है या नहीं. लेकिन जैसे ही इज़राइल और अमेरिका का बयान आता है, वैसे ही ईरान कह देता है कि खामेनेई की मौत हो गई है. पश्चिमी मीडिया भी इस खबर को सामान्य तरीके से दिखा रहा है.
क्या ईरान की सुरक्षा एजेंसी को थी खबर?
लकी बिष्ट ने कहा कि अभी तक कोई तस्वीर जारी नहीं की गई है. ईरान को पहले से पता था कि इज़राइल और अमेरिका उसके सुप्रीम लीडर को निशाना बना सकते हैं. यह बात रूस की एजेंसी को भी पता थी. इसके बावजूद महज़ 6-7 घंटों में उन्हें टारगेट कर दिया जाता है.
उन्होंने आगे कहा कि होने को कुछ भी हो सकता है, लेकिन मेरा मन यह बात मानने को तैयार नहीं है. ऐसा भी हो सकता है कि एक साल बाद कोई और सच्चाई सामने आए. जानकारों की मानें तो ऐसा इसलिए भी किया जा सकता है क्योंकि खामेनेई को सेफ रखा जा सके.




