Israel में चुनाव से पहले दो नेताओं पर कार्रवाई, क्या है सामी और ओफर को रोकने की वजह?
इजरायल चुनाव से पहले सामी अबू शहादेह और ओफर कासिफ पर कार्रवाई क्यों हुई? जानिए अरब पार्टियों पर रोक, कानून और पूरे विवाद की वजह.
इजरायल में चुनाव से ठीक पहले अरब राजनीति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. देश की सेंट्रल इलेक्शन कमिटी ने दो प्रमुख अरब राजनीतिक सूचियों को चुनाव से बाहर करने के पक्ष में वोट किया है. इतना ही नहीं, Balad पार्टी के नेता सामी अबू शहादेह और अरब-यहूदी वामपंथी पार्टी Hadash से जुड़े ओफर कासिफ की उम्मीदवारी पर भी रोक लगाने का फैसला हुआ है. आखिर इन दोनों नेताओं पर कार्रवाई की वजह क्या है? क्या इजरायल में अरब पार्टियों के चुनाव लड़ने पर वाकई बैन लगा दिया गया है? और वहां अरब नागरिकों की राजनीति किन-किन पार्टियों में बंटी है? जानिए पूरा मामला.
दरअसल, इजरायल की सेंट्रल इलेक्शन कमेटी यानी CEC ने देश की प्रमुख अरब राजनीतिक सूचियों Joint List और Raam यानी United Arab List को चुनाव लड़ने से अयोग्य ठहराने के पक्ष में मतदान किया है. इसके साथ ही Balad पार्टी के नेता सामी अबू शहादेह और Hadash से जुड़े सांसद ओफर कासिफ को भी चुनाव लड़ने से रोकने का फैसला किया गया है.
न्यूज एजेंसी अल जजीरा, अदलाह, ft.com और adalah.org के मुताबिक ये याचिकाएं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की Likud पार्टी और अन्य दक्षिणपंथी संगठनों की ओर से दायर की गई थीं. हालांकि, CEC का फैसला अंतिम नहीं है और इस मामले में इजरायल के सुप्रीम कोर्ट का फैसला बाकी है.
किस आधार पर सामी और ओफर को चुनाव से रोकने की मांग हुई?
इजरायल में किसी पार्टी या उम्मीदवार को चुनाव से बाहर करने का कानूनी आधार Basic Law: The Knesset की धारा 7A में दिया गया है. इसके तहत किसी पार्टी या उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, अगर उसकी गतिविधियां इजरायल के यहूदी और लोकतांत्रिक राज्य के रूप में अस्तित्व को नकारते हों.
इसके अलावा, नस्लवाद को बढ़ावा देने या इजरायल के खिलाफ किसी दुश्मन देश या आतंकवादी संगठन के सशस्त्र संघर्ष का समर्थन करने को भी अयोग्यता का आधार माना गया है. सामी अबू शहादेह और ओफर कासिफ के खिलाफ दायर आपत्तियों में इन्हीं प्रावधानों का हवाला दिया गया है. हालांकि, किसी उम्मीदवार को अयोग्य ठहराने के लिए कानूनी तौर पर पर्याप्त सबूत जरूरी होते हैं और CEC का फैसला अपने आप अंतिम प्रतिबंध नहीं बन जाता.
कौन हैं सामी अबू शहादेह, किस पार्टी से जुड़े हैं?
सामी अबू शहादेह इजरायल के अरब-फिलिस्तीनी समुदाय से आने वाले राजनेता हैं और Balad पार्टी के अध्यक्ष हैं. Balad अरब नागरिकों के अधिकारों, समान नागरिकता और फिलिस्तीनी राष्ट्रीय पहचान से जुड़े मुद्दों को उठाने वाली पार्टी है. अबू शहादेह को चुनाव से रोकने की मांग उनके कुछ बयानों और राजनीतिक रुख को लेकर की गई है. याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उनके रुख को इजरायल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के समर्थन और इजरायल के यहूदी राज्य के चरित्र को नकारने के तौर पर देखा जा सकता है. अबू शहादेह और उनके समर्थकों ने इन आरोपों को खारिज किया है और कहा है कि उनकी राजनीति अरब नागरिकों के अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़ी है.
कौन हैं ओफर कासिफ, जिनकी उम्मीदवारी पर भी सवाल?
ओफर कासिफ इजरायल के यहूदी राजनेता हैं और Hadash से जुड़े हैं. Hadash का पूरा नाम Democratic Front for Peace and Equality है. यह अरब और यहूदी सदस्यों वाला वामपंथी राजनीतिक संगठन है. कासिफ इजरायल सरकार की नीतियों और गाजा युद्ध को लेकर आलोचनात्मक रुख के लिए जाने जाते हैं. उनके खिलाफ भी चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई थी.
CEC ने उन्हें अयोग्य ठहराने के पक्ष में मतदान किया, लेकिन उनके मामले में यह तर्क भी सामने आया कि उपलब्ध सबूत उन्हें चुनाव से रोकने के लिए जरूरी कानूनी मानक पूरा नहीं करते. अब उनकी उम्मीदवारी पर अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा.
क्या इजरायल में अरब पार्टियों के चुनाव लड़ने पर बैन है?
इजरायल में अरब पार्टियों के चुनाव लड़ने पर कोई सामान्य या स्थायी प्रतिबंध नहीं है. अरब नागरिकों की पार्टियां लंबे समय से संसदीय चुनाव लड़ती रही हैं और Knesset यानी इजरायल की संसद में प्रतिनिधित्व करती रही हैं.
मौजूदा विवाद में कुछ खास पार्टियों और उम्मीदवारों को कानूनी प्रावधानों के तहत अयोग्य ठहराने की मांग की गई है. इसलिए इसे इजरायल में सभी अरब पार्टियों पर चुनावी बैन के तौर पर देखना सही नहीं होगा. CEC के फैसले के बाद भी अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट का होना है.
कौन-कौन सी हैं इजरायल में अरब नागरिकों की प्रमुख पार्टियां?
इजरायल के अरब नागरिकों की राजनीति कई अलग-अलग विचारधाराओं में बंटी हुई है. इनमें:
- Raam एक अरब इस्लामी राजनीतिक पार्टी है, जिसके प्रमुख मंसूर अब्बास हैं.
- Hadash अरब-यहूदी वामपंथी राजनीति का प्रतिनिधित्व करती है.
- Balad अरब-फिलिस्तीनी राष्ट्रवादी राजनीति और समान नागरिक अधिकारों की मांग से जुड़ी है.
- Taal अरब नागरिकों के अधिकारों और फिलिस्तीनी मुद्दों पर केंद्रित पार्टी है, जिसके प्रमुख नेताओं में अहमद तिबी शामिल हैं.
2026 के चुनाव में Hadash, Balad और Taal Joint List के तहत साथ चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि Ra’am अलग राजनीतिक सूची के रूप में मैदान में है.
चुनाव पर क्या असर हो सकता है?
अरब नागरिक इजरायल की आबादी का करीब पांचवां हिस्सा हैं और उनकी पार्टियां Knesset में महत्वपूर्ण राजनीतिक प्रतिनिधित्व रखती हैं. ऐसे में इन पार्टियों और नेताओं की चुनावी पात्रता का मुद्दा राजनीतिक प्रतिनिधित्व से भी जुड़ा है. मौजूदा चुनावी तस्वीर में किसी एक बड़े राजनीतिक खेमे के पास 120 सदस्यीय Knesset में 61 सीटों का स्पष्ट बहुमत दिखाई नहीं दे रहा है.
ऐसे में अरब पार्टियों की सीटें और सरकार गठन के बाद उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. हालांकि, अभी यह तय नहीं है कि CEC के फैसले के बाद इनमें से कौन चुनाव लड़ पाएगा, क्योंकि अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट को करना है.
गाजा और मिडिल ईस्ट वॉर से कनेक्शन क्या?
इस पूरे विवाद का कनेक्शन गाजा युद्ध और मिडिल ईस्ट वॉर से भी जुड़ा है. इजरायल-हमास युद्ध के दौरान अरब-फिलिस्तीनी नागरिकों और उनकी राजनीतिक पार्टियों का इजरायली सरकार की सैन्य कार्रवाई को लेकर विरोध और तेज हुआ है. सामी अबू शहादेह और ओफर कासिफ दोनों ही गाजा युद्ध को लेकर इजरायली सरकार की नीतियों के आलोचक रहे हैं.
दूसरी ओर, इनके खिलाफ चुनावी अयोग्यता की मांग करने वालों का तर्क है कि कुछ बयानों और राजनीतिक रुख को इजरायल के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष के समर्थन के रूप में देखा जा सकता है. इसी वजह से गाजा युद्ध अब इजरायल की घरेलू राजनीति और चुनावी बहस का भी अहम मुद्दा बन गया है.




