रूस-यूक्रेन के पायलटों के हवाले 180 यात्रियों की जिंदगी! हवा में भिड़े दोनों, एक ने की विमान क्रैश करने की कोशिश?
Flydubai FZ1073 में पायलटों की कथित झड़प के बाद विमान सऊदी अरब के तबुक में उतरा. रूस-यूक्रेन के पायलटों वाले दावे और पूरे घटनाक्रम को जानें.
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में बुधवार को ऐसा घटनाक्रम हुआ, जिसने आसमान में सवार यात्रियों की जान खतरे में डाल दी. उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई और विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए. इसके बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ दिया गया, जहां विमान सुरक्षित उतरा.
इजरायली मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि दोनों पायलटों में एक रूस का और दूसरा यूक्रेन का था. यह दावा ऐसे समय सामने आया जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है. हालांकि, बाद की रिपोर्टों में पायलटों की राष्ट्रीयता को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है और रूस-यूक्रेन वाली जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
रूस-यूक्रेन के पायलट वाला एंगल क्या है?
इस पूरी घटना में सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात शुरुआती रिपोर्टों में सामने आई पायलटों की कथित राष्ट्रीयता है. इजरायली चैनल 12 की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट का कप्तान रूसी नागरिक और फर्स्ट ऑफिसर यूक्रेनी नागरिक था. लेकिन इस जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और बाद की रिपोर्टों में दोनों की पहचान अलग बताई गई है.
यानी सोशल मीडिया पर यह सवाल तेजी से उठने लगा कि अगर दोनों पायलट वास्तव में रूस और यूक्रेन से थे, तो क्या उनके बीच चल रहे युद्ध का कोई असर इस विवाद पर पड़ा? फिलहाल ऐसा कोई विश्वसनीय सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके कि पायलटों की कथित राष्ट्रीयता या रूस-यूक्रेन युद्ध इस झड़प की वजह था.
जिस युद्ध ने दुनिया को बांट रखा है, उसी के दो देशों के पायलट?
रूस और यूक्रेन फरवरी 2022 से युद्ध में हैं. ऐसे में शुरुआती रिपोर्ट में दोनों देशों के नागरिकों के एक ही कॉकपिट में होने की खबर ने इस घटना को और ज्यादा चर्चा में ला दिया. लेकिन यहां एक बात साफ रखना जरूरी है. दोनों की राष्ट्रीयता और झड़प के कारण के बीच कोई संबंध अभी स्थापित नहीं हुआ है. इसलिए यह कहना कि दोनों देशों के पायलटों को साथ उड़ाने की वजह से यह घटना हुई, अभी सिर्फ अनुमान होगा.
क्या सच में एक पायलट ने विमान क्रैश करने की कोशिश की?
इजरायली मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि झड़प के दौरान एक पायलट ने विमान को तेजी से नीचे की ओर मोड़ दिया. रिपोर्टों के मुताबिक विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया और दूसरे पायलट ने उसे संभालने की कोशिश की. The Week के मुताबिक, विमान करीब 30,000 फीट से लगभग 15,000 फीट तक तेजी से नीचे आया. हालांकि, यह दावा कि किसी पायलट ने जानबूझकर आत्महत्या या विमान को क्रैश करने की कोशिश की, अभी जांच का विषय है और इसकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
कॉकपिट में मारपीट से कैसे मचा हड़कंप?
रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पायलटों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला शारीरिक झड़प तक पहुंच गया. एक पायलट के घायल होने और चाकू से हमला किए जाने की खबरें भी सामने आईं. इसी दौरान विमान से पहले 7700 और फिर 7500 इमरजेंसी कोड प्रसारित हुआ. 7500 विमान में संभावित गैरकानूनी हस्तक्षेप या हाईजैक जैसी स्थिति का संकेत देता है. इससे इजरायली सुरक्षा एजेंसियों में भी अलर्ट पैदा हुआ.
180 यात्रियों की जान पर कैसे बनी बात?
विमान में 150 से ज्यादा इजरायली यात्री सवार थे और कुछ रिपोर्टों में करीब 180 लोगों के सवार होने की जानकारी दी गई. विमान अचानक नीचे आया और रास्ता बदलकर सऊदी अरब की तरफ चला गया. यात्रियों ने कॉकपिट की तरफ से चीख-पुकार सुनने की बात कही. बाद में फ्लाइट को तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया. फ्लाईदुबई ने भी पुष्टि की कि FZ1073 तबुक में सुरक्षित उतरी और सभी यात्री सुरक्षित हैं.
रोस्टर बनाने वाले पर उठ रहे सवाल
घटना के बाद सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा सवाल इसी बात को लेकर उठ रहे हैं कि आखिर कॉकपिट में तैनात दोनों पायलटों की पृष्ठभूमि क्या थी और उनका रोस्टर कैसे तैयार हुआ था. लेकिन यहां भी जल्दबाजी से किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा. अगर रूस और यूक्रेन के पायलट वाली शुरुआती रिपोर्ट सही भी साबित होती है, तब भी केवल उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि उन्हें साथ उड़ाने का फैसला गलत था या झड़प उसी वजह से हुई. असल सवाल यह है कि कॉकपिट में ऐसा क्या हुआ, जिससे इमरजेंसी सिग्नल भेजना पड़ा और विमान को अपना रास्ता बदलकर सऊदी अरब में उतारना पड़ा.
पायलटों की पहचान को लेकर क्यों उलझी कहानी?
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि शुरुआती रिपोर्ट और बाद की रिपोर्टों में पायलटों की पहचान अलग-अलग बताई गई है. पहले रूसी और यूक्रेनी पायलट की जानकारी सामने आई, जबकि बाद में कुछ इजरायली रिपोर्टों में एक पायलट को यूएई और दूसरे को ओमान से बताया गया. Reuters ने भी घटना को पायलटों के बीच झड़प के रूप में रिपोर्ट किया, लेकिन उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि नहीं की. इसलिए फिलहाल रूस-यूक्रेन वाला एंगल खबर का हिस्सा जरूर है, लेकिन इसे पक्की जानकारी के तौर पर लिखना सही नहीं होगा.
फ्लाईदुबई ने क्या कहा?
फ्लाईदुबई ने बताया कि FZ1073 ने उड़ान के दौरान एक घटना का सामना किया और बाद में विमान सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा. एयरलाइन के मुताबिक सभी यात्री सुरक्षित हैं और उसकी टीमें संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं. फिलहाल पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है. जांच से ही यह साफ होगा कि कॉकपिट में विवाद किस वजह से शुरू हुआ, विमान की ऊंचाई अचानक क्यों कम हुई और इमरजेंसी कोड किस परिस्थिति में भेजे गए.




