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ट्रंप के पाकिस्तान प्रेम पर भारत की नसीहत- अमेरिकी धरती पर गरजे जयशंकर, बोले- हमें आतंकवाद से निपटना आता है और...

वॉशिंगटन डीसी में हुई क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कड़े और स्पष्ट शब्दों में वैश्विक मुद्दों पर भारत का रुख सामने रखा. आतंकवाद, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का पूरा अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा.

ट्रंप के पाकिस्तान प्रेम पर भारत की नसीहत- अमेरिकी धरती पर गरजे जयशंकर, बोले- हमें आतंकवाद से निपटना आता है और...
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 1 July 2025 8:52 PM IST

वॉशिंगटन डीसी में हुई क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कड़े और स्पष्ट शब्दों में वैश्विक मुद्दों पर भारत का रुख सामने रखा. आतंकवाद, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला जैसे विषयों पर बोलते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत को अपने नागरिकों की रक्षा का पूरा अधिकार है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा.

उन्होंने कहा, 'हम सभी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को स्वतंत्र और खुला बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस दिशा में हमारा प्रयास नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देने का है. सभी देशों को अपनी विकास और सुरक्षा से जुड़ी स्वतंत्र पसंद का अधिकार मिलना चाहिए.

आतंकवाद पर भारत का सख्त रुख

डॉ. जयशंकर ने हाल ही में भारत में हुई आतंकी घटनाओं की पृष्ठभूमि में दुनिया को चेतावनी दी कि दुनिया को आतंकवाद पर ज़ीरो टॉलरेंस दिखानी होगी। पीड़ितों और हमलावरों को बराबर नहीं ठहराया जा सकता. भारत को अपने लोगों की रक्षा का पूरा अधिकार है और हम इस अधिकार का इस्तेमाल करेंगे। हमें उम्मीद है कि हमारे क्वाड साझेदार इसे समझेंगे और सराहेंगे.

अगली क्वाड समिट की मेजबानी भारत करेगा

जयशंकर ने बैठक के दौरान यह भी घोषणा की कि अगली क्वाड समिट की मेजबानी भारत करेगा. हमारे पास कुछ प्रस्ताव हैं जो इस बैठक को अधिक उत्पादक बना सकते हैं. मुझे विश्वास है कि हमारे साझेदार भी इसी दिशा में सोच रहे हैं. हम चर्चा करेंगे और सहमति बनाएंगे.

अमेरिका ने की साझेदारी की तारीफ

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि हम इन बैठकों को हर 5-6 महीने में करना पसंद करते हैं। यह साझेदारी पिछले कुछ महीनों में और मजबूत हुई है. हम इसे और आगे बढ़ाना चाहते हैं. उन्होंने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला, खासकर क्रिटिकल मिनरल्स के विविधीकरण पर भी सहयोग की बात कही.

ऑस्ट्रेलिया और जापान ने भी बढ़ाया समर्थन

ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने कहा कि हम इस साझेदारी के महत्व को समझते हैं. यह हमारी दुनिया और हमारे क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। हम सभी स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र हैं, लेकिन जब हम मिलकर काम करते हैं तो और मजबूत बनते हैं. जापान के विदेश मंत्री ताकेशी इवाया ने इंडो-पैसिफिक को वैश्विक आर्थिक इंजन बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की शांति और स्थिरता अंतरराष्ट्रीय समुदाय की समृद्धि के लिए आवश्यक है.

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