'डील नहीं, सजायाफ्ता हैं', इमरान से डील पर सनाउल्लाह के दावों में कितना दम - क्या है पूरा मामला?
पीएम शहबाज शरीफ के पॉलिटिकल मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह के दावे के बाद इमरान खान को लेकर डील की चर्चा तेज हो गई है. सरकार ने साफ किया है कि कोई नरमी नहीं दी जा रही, जबकि परिवार ने जेल में स्वास्थ्य पर चिंता जताई है.
पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर ‘डील’ की चर्चाओं ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी और सलाहकार राणा सनाउल्लाह के दावों ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं. क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई सियासी सौदेबाजी हुई थी, या यह महज दबाव की राजनीति है? दूसरी तरफ ये भी कहा जा रहा है कि इमरान के साथ किसी भी तरह की नरमी से इनकार कर रही है. वहीं इमरान खान का परिवार जेल में उनकी सेहत और हालात को लेकर गंभीर आरोप लगा रहा है. ऐसे में यह मामला सिर्फ एक ‘डील’ तक सीमित नहीं, बल्कि पाकिस्तान की मौजूदा राजनीतिक अस्थिरता की बड़ी तस्वीर भी दिखा रहा है.
जेल में इमरान, बाहर सौदेबाजी की चर्चा - क्या है पूरा मामला?
पाकिस्तान की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर ‘डील ऑफर’ की चर्चा ने सत्ता गलियारों में नई हलचल पैदा कर दी है. सवाल उठ रहा है - क्या वाकई पर्दे के पीछे कोई सियासी समझौता चल रहा था या यह महज राजनीतिक बयानबाजी है?
राणा सनाउल्लाह का दावा : दो बार हुई डील की कोशिश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पॉलिटिकल मामलों के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया कि इमरान खान के साथ दो बार डील की कोशिश हुई, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि पहली कोशिश कथित तौर पर मोहसिन नकवी और उस समय के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने 26 नवंबर, 2022 से पहले की थी. दूसरी कोशिश हाल ही में विदेश से कुछ लोगों ने की. पहली कोशिश 26 नवंबर 2022 से पहले की गई थी. जबकि दूसरी कोशिश हाल ही में विदेश में कुछ लोगों के माध्यम से की गई.
‘सरकार गिराओ, सत्ता दिलाओ’ - क्या थी कथित शर्त?
राणा सनाउल्लाह का आरोप है कि इमरान खान शुरू में सहमत हुए थे, लेकिन बाद में पीछे हट गए. उन्होंने दावा किया कि खान मौजूदा सरकार को भंग कर सत्ता में वापसी चाहते थे. हालांकि, इन दावों पर खान या उनकी पार्टी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है.
डील पर सरकार का क्या है ऑफिशियल स्टैंड?
इन दावों के बीच पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने स्पष्ट किया कि इमरान खान को न कोई डील ऑफर की जा रही है और न ही किसी तरह की नरमी दी जा रही है. उन्होंने कहा, “सरकार द्वारा छूट देने की बात पूरी तरह गलत है. इमरान खान एक सजायाफ्ता व्यक्ति हैं.”
सनाउल्लाह के दावों के बाद, फ़ेडरल इन्फ़ॉर्मेशन मिनिस्टर अताउल्लाह तरार ने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट में साफ किया कि "इमरान खान को न तो कोई डील दी जा रही है और न ही कोई नरमी ऑफर की जा रही है." उन्होंने कहा, "सरकार द्वारा इमरान खान को छूट देने की कोई भी बात पूरी तरह से गलत है. इमरान खान एक सज़ायाफ़्ता अपराधी हैं."
2023 से जेल में क्यों हैं इमरान खान?
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं और भ्रष्टाचार के मामलों में 14 साल की सज़ा काट रहे हैं. उनका आरोप है कि ये केस राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा हैं. खान 2018 में प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव हारने के बाद सत्ता से बाहर हो गए.
जेल में उनके स्वास्थ्य को लेकर क्यों बढ़ी समर्थकों में चिंता?
इमरान खान के परिवार ने जेल में उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है. उनकी बहन ने आरोप लगाया है कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है. उनके वकील के मुताबिक 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने जेल में रहते हुए अपनी एक आंख की 85% रोशनी खो दी है. हालांकि, इन आरोपों पर सरकार या सैन्य प्रतिष्ठान की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पाकिस्तान की राजनीति पर क्या होगा असर?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डील की चर्चा ने पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता को और उजागर कर दिया है. यदि समझौते की कोशिशें हुई भी हैं, तो उनका सार्वजनिक होना अपने आप में सियासी दबाव और रणनीति का संकेत है. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है, क्या यह महज बयानबाजी है या पर्दे के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल चल रहा है?




