2 साल बाद फिर AI डीपफेक का शिकार बनीं Giorgia Meloni, सोशल पर वायरल आपत्तिजनक फोटो को लेकर दी चेतावनी
2 साल बाद फिर से इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी AI डीपफेक का शिकार बन गई. सोशल मीडिया पर उनकी एक फेक एआई से बनाई गई आपत्तिजनक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसको लेकर मेलोनी ने चेतावनी दी है.
Giorgia Meloni Deepfake AI image
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी भी AI-डीपफेक तस्वीर का शिकार होने से नहीं बच पाई, जिसको लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है. सोशल मीडिया पर इन दिनों मेलोनी की डीपफेक आपत्तिजनक तस्वीर वायरल हो रही है. इस तस्वीर को फर्जी बताते हुआ मेलोनी ने स्पष्ट किया कि ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल लोगों की छवि खराब करने और उन्हें गुमराह करने के लिए किया जा रहा है.
मंगलवार को मेलोनी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर इस एडिटेड तस्वीर को साझा करते हुए लोगों को सचेत किया. उन्होंने उस पोस्ट का स्क्रीनशॉट भी साझा किया जिसमें "रोबर्टो" नामक एक यूजर ने इसे आगे बढ़ाते हुए उन पर टिप्पणी की थी.
डीपफेक फोटो पर क्या बोलीं मेलोनी?
मेलोनी ने अपनी पोस्ट में कहा "डीपफेक एक खतरनाक उपकरण है क्योंकि यह किसी को भी धोखा दे सकता है, हेरफेर कर सकता है और निशाना बना सकता है. मैं अपनी रक्षा कर सकती हूं. कई अन्य लोग ऐसा नहीं कर सकते. मुझे यह स्वीकार करना होगा कि जिसने भी इन्हें बनाया है, कम से कम संलग्न मामले में, उसने मुझे भी काफी हद तक सुधारा है. लेकिन सच्चाई यह है कि आजकल हमला करने और झूठी बातें गढ़ने के लिए किसी भी चीज का इस्तेमाल किया जाता है."
क्या दी चेतावनी?
पीएम मेलोनी ने जोर देकर कहा कि भले ही यह तस्वीर मनगढ़ंत थी, लेकिन इसका उद्देश्य स्पष्ट रूप से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना था. उन्होंने कहा "लेकिन सच्चाई यह है कि आजकल हमला करने और झूठी बातें गढ़ने के लिए किसी भी चीज का इस्तेमाल किया जाता है." उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे बिना सत्यापन के किसी भी सामग्री को साझा न करें, क्योंकि इससे गलत सूचना तेजी से फैलती है. हालांकि मेलोनी ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह इस मामले में कानूनी कदम उठाएंगी या नहीं, लेकिन कई लोगों ने उन्हें इसकी शिकायत अधिकारियों से करने की सलाह दी है.
क्या पहले भी मेलोनी हुई शिकार?
यह पहली बार नहीं है जब मेलोनी डीपफेक का शिकार हुई हैं. 2 साल पहले उन्होंने सार्डिनिया के एक व्यक्ति के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था, जिस पर उनके चेहरे का इस्तेमाल कर अश्लील डीपफेक तस्वीरें बनाने का आरोप है. यह मामला अभी भी अदालत में लंबित है.
क्या इटली में है कोई कानून?
मेलोनी सरकार ने AI के दुरुपयोग को रोकने को अपनी प्राथमिकता बनाया है. पिछले साल सितंबर में इटली यूरोपीय संघ का पहला देश बना जिसने एआई को नियंत्रित करने वाला व्यापक कानून लागू किया. इस कानून में डीपफेक जैसे तकनीकी दुरुपयोग पर कड़ी सजा, यहां तक कि जेल का प्रावधान भी शामिल है, साथ ही बच्चों की पहुंच पर भी नियंत्रण लगाया गया है.




