9/11 हमले जैसी थी प्लानिंग, Flydubai के को-पायलट हमाम अल-हम्मानी को UAE में हो सकती है कितनी सजा?
Flydubai फ्लाइट FZ1073 में कॉकपिट पर हमले और विमान को हाईजैक करने की कोशिश के बाद ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के खिलाफ UAE में कड़ी कार्रवाई की तैयारी है.
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में ओमानी पायलट ने प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश की और अपने कप्तान पर हमला कर दिया. इस हमले में कैप्टन सुमित गंभीर तौर पर घायल हो गए. हालांकि, यात्रियों की हिम्मत से को पायलट को काबू किया गया. अब सवाल उठ रहा है कि उसके खिलाफ क्या एक्शन लिया जाएगा और क्या उसे सजा-ए-मौत दी जाएगी.
इस मामले को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) आरोपी हमाम अल-हम्मामी के खिलाफ सबसे कड़ी सजा की मांग कर रहा है. इजरायली न्यूज आउटलेट Ynet की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें मौत की सजा भी शामिल हो सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जांच में कई इजरायली अधिकारी UAE की मदद कर रहे हैं.
क्यों 9/11 हमले से हो रही तुलना?
इसे 9/11 जैसे हमले की प्लान के तौर पर देखा जा रहा है. रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी का प्लान था कि वह मच्छार को चुपचाप मारे और प्लेन को इजराइल में आबादी वाली जगह पर क्रैश करा दे. अगर ऐसा होता, तो इसमें हजारों लोगों की जान जा सकती थी.
इस साजिश में 11 सितंबर 2001 के कुख्यात आतंकी हमले जैसी समानताएं दिखाई दीं. उस हमले में अल-कायदा से ट्रेंड 19 आतंकियों ने चार अमेरिकी यात्री विमानों पर कब्जा कर लिया था. इनमें से तीन विमानों को जानबूझकर वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन से टकरा दिया गया था. उस हमले में करीब 3,000 लोगों की मौत हुई थी.
यूएई में किन मामलों में होती है सज़ा-ए-मौत?
- प्री प्लान मर्डर: अगर किसी व्यक्ति की पहले से योजना बनाकर हत्या की जाती है, तो यह मृत्युदंड वाले गंभीर अपराधों में शामिल हो सकता है.
- आतंकवाद: ऐसे गंभीर आतंकी कृत्य, जिनसे देश की सुरक्षा को बड़ा खतरा हो या बड़े पैमाने पर आतंक फैलता हो, उनके लिए भी कड़ी सजा का प्रावधान है.
- गंभीर बलात्कार के मामले: नाबालिगों के साथ बलात्कार या किसी असहाय अथवा विकलांग व्यक्ति के साथ बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में मृत्युदंड का प्रावधान हो सकता है.
- बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी: बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थों की तस्करी या उससे जुड़े गंभीर अपराधों में भी मौत की सजा का प्रावधान हो सकता है.
- राज्य की सुरक्षा के खिलाफ अपराध: युद्ध या विशेष परिस्थितियों में देशद्रोह अथवा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा करने वाले अपराध भी मृत्युदंड के दायरे में आ सकते हैं.
क्या है मामला ?
यह घटना 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में हुई थी. विमान में 170 से ज्यादा लोग सवार थे. उड़ान के दौरान अल-हम्मामी ने कॉकपिट में मौजूद भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर क्रैश कुल्हाड़ी से हमला किया और विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की.
यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने आरोपी को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया. वहीं, विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने स्थिति को संभालने और विमान को स्थिर रखने में मदद की. इसके बाद विमान को सऊदी अरब में आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी.
यूएई ने क्या कहा?
UAE ने इस घटना को आतंकवादी हमला बताया है. 29 वर्षीय अल-हम्मामी ओमान का नागरिक है. उसे सऊदी अरब में हिरासत में लिया गया था और बाद में पूछताछ के लिए UAE लाया गया.
पूछताछ में बोला हमलावर पायलट?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में पूछताछ के दौरान अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं से कहा था कि वह विमान को क्रैश करना चाहता था और उसे मौत से डर नहीं लगता. यह जानकारी एक सऊदी अधिकारी के हवाले से सामने आई है, जो उसकी पूछताछ से परिचित था.
जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अल-हम्मामी सीरिया में रहने के दौरान कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ था. उसने अपनी जिंदगी का कुछ समय सीरिया में बिताया था, जब वहां गृहयुद्ध चल रहा था. इसके साथ ही उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.
डिलीट किए गए X अकाउंट के 3 हजार से ज्यादा स्क्रीनशॉट..
रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी के डिलीट किए गए X अकाउंट की 3,000 से ज्यादा पोस्ट के स्क्रीनशॉट अब भी Internet Archive पर मौजूद हैं. इनमें से कुछ पोस्ट में महिलाओं के काम करने का विरोध किया गया था. कुछ पोस्ट में ऐसी धार्मिक महिलाओं के प्रति पसंद जताई गई थी, जो पर्दा करती हैं.
ओमान एयर ने क्यों किया था बैन?
फ्लाईदुबई में शामिल होने से पहले अल-हम्मामी Oman Air में काम करता था. द वॉल स्ट्रीट जर्नल से बात करने वाले उसके बैकग्राउंड से परिचित लोगों के मुताबिक, अधिकारियों को उसके चरमपंथी वेबसाइट देखने में रुचि होने की जानकारी मिलने के बाद Oman Air ने उसे उड़ान भरने से रोक दिया था. इसके बाद उसे एक डि-रेडिकलाइजेशन यानी कट्टरपंथ से बाहर निकालने वाले प्रोग्राम से गुजारा गया. इसके बाद उसे उड़ान से जुड़ी जिम्मेदारी के बजाय डेस्क जॉब दी गई. बाद में अल-हम्मामी ने दूसरी जगह नौकरी की तलाश की. रिपोर्ट के मुताबिक, उसने 2025 में Royal Air Maroc में नौकरी पाने की कोशिश भी की थी.
इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि पहले की इस पृष्ठभूमि के बावजूद वह दोबारा पायलट की नौकरी कैसे हासिल करने में सफल रहा और दूसरी एयरलाइन में कॉकपिट तक कैसे पहुंच गया.
फ्लाई दुबई की भर्ती प्रक्रिया क्यों जांच के दायरे में?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक, UAE में आमतौर पर पायलटों की भर्ती के दौरान सुरक्षा जांच की विस्तृत प्रक्रिया अपनाई जाती है. हालांकि, अखबार यह पता नहीं लगा सका कि अल-हम्मामी को नौकरी देने से पहले फ्लाईदुबई ने किस स्तर की जांच की थी. उसकी पृष्ठभूमि से परिचित लोगों ने बताया कि अगर किसी दूसरे देश ने नौकरी के लिए उसकी सुरक्षा जांच के संबंध में ओमान से जानकारी मांगी होती, तो ओमान उसके बारे में जानकारी साझा करता. हालांकि, उनके मुताबिक ओमान को इस संबंध में ऐसी कोई जानकारी मांगने का अनुरोध नहीं मिला था. अल-हम्मामी ने UAE में एविएशन की पढ़ाई की थी. इसके बाद उसने इंग्लैंड की Buckinghamshire New University से एविएशन मैनेजमेंट में रिमोट-लर्निंग कोर्स पूरा किया था.




