Flydubai में हमला करने वाले को-पायलट का नाम आया सामने, कट्टरपंथी दिमाग...यहूदियों को मारने वाले पोस्ट, सोशल मीडिया पर आखिर क्या मिला?
Flydubai विमान में कप्तान पर हमले के आरोपी ओमानी को-पायलट का नाम सामने आया है. रिपोर्टों के मुताबिक, वह पहले Oman Air में सुरक्षा जोखिम के तौर पर चिन्हित हुआ था और उड़ान से बैन किया गया था.
Flydubai के सह-पायलट पर अपने कप्तान स्मित मच्छार (Smit Machchhar) पर विमान के कॉकपिट में हमला करने और कथित तौर पर विमान को इजरायल में गिराने की कोशिश करने का आरोप है. अब इस मामले में एक अहम जानकारी सामने आई है. इस कोपायलट का नाम निकलकर सामने आ गया है. इसके साथ ही अमेरिकी न्यूज चैनल ABC News के अनुसार, आरोपी को 2024 में Oman Air में काम करने के दौरान ही सुरक्षा जोखिम के तौर पर आइडेंटिफाई किया गया था. सीनियर खुफिया और कानून प्रवर्तन अधिकारियों ने ABC News को यह जानकारी दी है.
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी उस समय Oman Air में ट्रेनी सह-पायलट के तौर पर काम कर रहा था. इसी दौरान उसके पास से कथित तौर पर चरमपंथी सामग्री मिली थी. इसके बाद उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया था. हालांकि, उसे एयरलाइन से पूरी तरह बाहर नहीं किया गया और बाद में वह प्रशासनिक भूमिका में काम करता रहा.
क्या है फ्वाई दुबई के को पायलट का नाम?
द वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) ने भी मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया कि आरोपी को उसकी वैचारिक सोच को लेकर ओमान में उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया गया था. सऊदी ब्रॉडकास्टर Al Arabiya ने सूत्रों के हवाले से आरोपी की पहचान ओमानी नागरिक हमाम अल-हम्मामी (Hamam al-Hammami) के रूप में की है.
हालांकि, आरोपी का नाम आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक नहीं किया गया है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद वह बाद में Flydubai में कैसे नौकरी पाने में सफल रहा और तेल अवीव जाने वाली उड़ान में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर कैसे तैनात हुआ.
सोशल मीडिया से क्या मिला?
Times of Israel के हवाले से India Today ने रिपोर्ट किया है कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स में कथित तौर पर यहूदियों की हत्या से जुड़ी बातें थीं और अधिकारियों ने इसे जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत के तौर पर बताया है. अधिकारी ने यह भी दावा किया कि आरोपी आत्महत्या करने के लिए तैयार था. यह बात कथित तौर पर उड़ान में मौजूद यात्रियों के साथ हुई बातचीत और आरोपी के व्यवहार के आधार पर कही गई है. हालांकि, अभी इसको लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.
अल-कायदा से जुड़े कंटेंट का आरोप?
CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अल-हम्मामी के LinkedIn प्रोफाइल पर सिर्फ दो पोस्ट थीं. दोनों पोस्ट बुधवार को घटना के करीब 9 घंटे बाद लगातार अपलोड की गई थीं. इनमें से एक वीडियो में अल-कायदा के पूर्व प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी और हुमाम खलील अबू-मुलाल अल-बलावी की तस्वीरें शामिल थीं.
रिपोर्ट के मुताबिक, अल-बलावी ने 2009 में आत्मघाती हमला किया था, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी. इनमें 7 अमेरिकी CIA अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे. बताया जाता है कि अल-बलावी ने अल-कायदा के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की थी.
क्या ओमान से बाहर रहा को पायलट?
अल अरबिया की एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, यह को-पायलट अपना ज्यादातर समय ओमान के बाहर, खासतौर पर सीरिया में बिताता था. ABC News और The Wall Street Journal ने भी बताया कि उसने ओमान से बाहर, जिसमें सीरिया भी शामिल है, काफी समय बिताया था. आरोप है कि सीरिया में रहते हुए वह चरमपंथी विचारों के संपर्क में आया. इसके बाद वह UAE गया था.
क्या है मामला?
यह घटना बुधवार को Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में हुई. यह विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था. आरोप है कि उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर कप्तान स्मित मच्छार पर हमला किया. इस हमले में भारतीय कप्तान गंभीर रूप से घायल हो गए. हमले के बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा. इस दौरान मच्छार ने जैसे-तैसे करके कॉकपिट का गेट खोला और यात्रियों ने हमलावर को कंट्रोल किया, जिनमें से एक मुसाफिर ने प्लेन को ऊपर लाने का काम किया.
किस एंगल में मामले की जांच?
इस मामले की जांच UAE ने शुरू कर दी है. जांचकर्ताओं की ओर से घटना की परिस्थितियों और आरोपी की कथित मंशा का पता लगाया जा रहा है. UAE की सरकारी न्यूज एजेंसी WAM और ABC News के अनुसार, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस हमले का संबंध आतंकवादी गतिविधि से था या इसकी पहले से कोई योजना बनाई गई थी.
जांच के बारे में जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया है कि उसका इरादा विमान को इजरायल में गिराने का था. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि वास्तव में हमले के पीछे क्या कारण था.




