कैंची धाम जाने वालों के लिए जरूरी खबर! भीड़ में फंस सकते हैं, कई KM लंबा जाम- जाने से पहले देखें ये VIDEOS
कैंची धाम में भारी भीड़ के बीच भवाली से गरमपानी-खैरना तक लंबा जाम लगा. दर्शन के लिए जाने से पहले जानें ट्रैफिक और भीड़ का ताजा अपडेट.
फिल्म 'हनुमान अंश' के हिट होने के बाद बाबा नीम करौली और उनके प्रसिद्ध कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम में इस वीकेंड श्रद्धालुओं की ऐसी भीड़ उमड़ी कि मंदिर परिसर से लेकर आसपास की सड़कों तक भारी दबाव नजर आया. दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं तो दूसरी ओर बड़ी संख्या में वाहनों के पहुंचने से भवाली से कैंची धाम तक जाम की खबरें सामने आईं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सड़क पर वाहनों की लंबी कतार और कैंची धाम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दे रही है. दो अक्टूबर की छुट्टी और वीकेंड के कारण पहाड़ों में पहले से बढ़ी आवाजाही के बीच कैंची धाम में अचानक बढ़ी भीड़ ने ट्रैफिक व्यवस्था की चुनौती और बढ़ा दी है. आखिर कैंची धाम में इस बार इतनी भीड़ क्यों उमड़ी, कहां तक लगा जाम और क्या है मौके का ताजा हाल? आइए जानते हैं पूरी कहानी.
कैंची धाम में अचानक इतनी भीड़ क्यों उमड़ी?
बाबा नीम करौली महाराज का कैंची धाम लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है. हालांकि, हाल के दिनों में यहां आने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने की चर्चा भी हो रही है. आपके दिए इनपुट के मुताबिक, बाबा नीम करौली के जीवन पर आधारित फिल्म 'हनुमान अंश' की चर्चा के बाद कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी और बढ़ी है. फिल्म की सफलता के बाद बाबा नीम करौली महाराज और कैंची धाम का नाम देशभर में चर्चा में आया. इसके बाद बड़ी संख्या में नए श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने की बात कही जा रही है. यही वजह है कि सामान्य दिनों की तुलना में वीकेंड और छुट्टियों के दौरान कैंची धाम में भीड़ काफी बढ़ती दिखाई दे रही है.
सामान्य दिनों में कितने श्रद्धालु आते हैं?
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य दिनों में कैंची धाम में करीब 4,000 से 6,000 श्रद्धालुओं के आने की बात कही गई है. वहीं वीकेंड और लंबी छुट्टियों के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 15,000 से 28,000 या उससे ज्यादा तक पहुंचने का दावा किया गया है. इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ पहुंचने का असर सिर्फ मंदिर परिसर पर ही नहीं, बल्कि आसपास के पूरे ट्रैफिक सिस्टम पर भी दिखाई देता है.
भवाली से कैंची धाम तक लगा लंबा जाम
शनिवार को कैंची धाम जाने वाले रास्ते पर वाहनों की संख्या अचानक बढ़ गई. भवाली से कैंची धाम की ओर जाने वाली सड़क पर कई किलोमीटर तक वाहनों की कतार लगने की जानकारी सामने आई. इसका असर आगे गरमपानी और खैरना क्षेत्र तक भी देखने को मिला. कई यात्रियों को रास्ते में लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ा. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भी सड़क पर बड़ी संख्या में कार, बस और दूसरे वाहन खड़े दिखाई दे रहे हैं.
हल्द्वानी से कैंची धाम पहुंचने में लग रहा 5 घंटे का दावा
भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया पर साझा की जा रही जानकारी के मुताबिक, हल्द्वानी से कैंची धाम पहुंचने में सामान्य समय की तुलना में कई गुना ज्यादा वक्त लग रहा है. कुछ पोस्ट और वीडियो में हल्द्वानी से कैंची धाम तक पहुंचने में करीब 5 घंटे लगने का दावा किया गया है. हालांकि, यात्रा का समय ट्रैफिक और रास्ते की स्थिति के हिसाब से लगातार बदल सकता है. भारी ट्रैफिक का असर हल्द्वानी और काठगोदाम की ओर आने-जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा.
कुछ यात्रियों की ट्रेन तक छूटने की बात सामने आई
कैंची धाम के आसपास लगे जाम का असर सिर्फ दर्शन के लिए आने वाले लोगों तक सीमित नहीं रहा. सामने आई जानकारी के मुताबिक, कुछ यात्रियों को ट्रैफिक में फंसने के कारण हल्द्वानी और काठगोदाम की ओर जाने वाली ट्रेन तक पकड़ने में परेशानी हुई. यानी कैंची धाम के आसपास बढ़ी भीड़ का असर स्थानीय यातायात के साथ दूसरे यात्रियों की यात्रा पर भी पड़ता दिखाई दिया.
दो अक्टूबर की छुट्टी ने बढ़ाई पहाड़ों की भीड़
इस बार दो अक्टूबर की छुट्टी और उसके बाद वीकेंड होने के कारण उत्तराखंड के कई पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर भीड़ बढ़ने की बात सामने आई. कैंची धाम के अलावा हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और धनोल्टी की ओर जाने वाली सड़कों पर भी बड़ी संख्या में वाहनों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई है. नैनीताल में भी होटल और ठहरने की व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में होटल किराए सामान्य दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़ने का दावा किया गया है.
क्या सिर्फ कैंची धाम में ही भीड़ है?
नहीं, इस वीकेंड उत्तराखंड के कई इलाकों में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी है. हरिद्वार और ऋषिकेश में धार्मिक पर्यटन, जबकि मसूरी, धनोल्टी और नैनीताल में पर्यटन के कारण वाहनों की संख्या बढ़ी है. बद्रीनाथ क्षेत्र में श्राद्ध और तर्पण के लिए पहुंचने वाले लोगों की वजह से भी ट्रैफिक बढ़ने की बात सामने आई है यानी इस पूरे वीकेंड पहाड़ों में बढ़ी भीड़ का असर कई प्रमुख रूटों पर देखने को मिल रहा है.
'हनुमान अंश' के बाद कैंची धाम को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा?
कैंची धाम पहले से ही बाबा नीम करौली महाराज के भक्तों के बीच प्रसिद्ध रहा है. लेकिन हाल में रिलीज हुई 'हनुमान अंश' फिल्म की चर्चा के बाद बाबा नीम करौली और उनके कैंची धाम को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी कंटेंट सामने आया. फिल्म के जरिए बाबा नीम करौली के जीवन और उनकी आध्यात्मिक विरासत को लेकर नई पीढ़ी के बीच भी चर्चा बढ़ने की बात कही जा रही है. इसी बीच कैंची धाम के वीडियो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. लंबी कतारों से लेकर सड़कों पर खड़े वाहनों तक की तस्वीरें लोगों का ध्यान खींच रही हैं.
कैंची धाम में कैसी है दर्शन की स्थिति?
शनिवार सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे. भीड़ बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं को कतार में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा. मंदिर के आसपास भी काफी चहल-पहल दिखाई दी. हालांकि, भीड़ और ट्रैफिक की वास्तविक स्थिति समय के साथ बदल सकती है.
क्या कैंची धाम में पहले भी भीड़ को लेकर अलर्ट जारी हुआ था?
हाल ही में सोमवार को कैंची धाम में भीड़ को लेकर रेड अलर्ट जारी किए जाने की बात सामने आई थी. इसके बाद अब दो अक्टूबर की छुट्टी और तीन दिन के वीकेंड के कारण एक बार फिर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से दबाव बढ़ गया. लगातार बढ़ती भीड़ ने प्रशासन के सामने भी ट्रैफिक मैनेजमेंट और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित रखने की चुनौती खड़ी कर दी है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में क्या दिख रहा है?
कैंची धाम से सामने आए वीडियो में मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं. कई जगहों पर लंबी कतारें हैं, जबकि सड़क पर वाहनों की भारी संख्या नजर आ रही है. वीडियो के जरिए लोग कैंची धाम की मौजूदा स्थिति दिखा रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि आसपास का ट्रैफिक बुरी तरह प्रभावित है.




