अपनी बचत की कमाई फिल्म पर लगाई, 3 महिला प्रोड्यूसर्स का स्ट्रगल; 60-60 लाख के इन्वेस्ट ने 'Hanuman Ansh' को पहुंचाया 300 करोड़ के करीब
रागिनी सोना, नम्रता सिंह और अनुप्रिया नागर ने 'हनुमान अंश' को अलग-अलग चरणों में संभाला. करीब 2 करोड़ की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ा कारोबार किया.
'हनुमान अंश' की सफलता ने फिल्म के कलाकारों के साथ-साथ इसके पीछे खड़ी तीन महिला प्रोड्यूसर्स है जिनकी सफलता की कहानी अब सोशल मीडिया पर काफी चल रही है. अनुप्रिया नागर, नम्रता सिंह और रागिनी सोना इन तीनों के निवेश ने इस फिल्म में ब्लॉकबस्टर बना दिया है. करीब ₹2 करोड़ के बजट में बनी यह फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं ज्यादा प्रदर्शन किया और अब इसकी कहानी ट्रायलॉजी तक पहुंच रही है.
बात करें इस फिल्म की कमाई की तो 300 करोड़ के आसपास चल रही है वहीं अभी इसकी कमाई रुकने का नाम नहीं ले रही है इसी के साथ सोशल मीडिया पर महिला प्रोड्यूसर्स अनुप्रिया का एक वीडियो छाया हुआ है जिसमें वे कह रही है इतने पैसे का मैं क्या करूंगी. बात करें इस फिल्म के सफलता की तो इसके पीछे सिर्फ बॉक्स ऑफिस के आंकड़े नहीं हैं. फिल्म के निर्माताओं को बजट, पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए फंड और थिएट्रिकल रिलीज जैसे कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा. तीनों महिलाओं की फिल्म से जुड़ने की कहानी भी अलग-अलग है. तो आइए जानते हैं...
क्या Hanuman Ansh के प्रोड्यूसर ने ठुकरा दिया OTT पर 100 करोड़ का ऑफर?
जैसा कि आपको मालूम की इस फिल्म को शुरुआत में OTT के तीनों प्लेटफार्म ने खरीदने के इनकार कर दिया था और लेकिन अब ऐसी खबर चल रही है कि अब OTT इसे खरीदने के लिए बेताब है लेकिन अब प्रोड्यूसर्स ने इनकार कर दिया हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है. प्रोड्यूसर रागिनी सोना के मुताबिक किसी OTT से कोई डील नहीं हुई है. ये खबरें फेक हैं. Hanuman Ansh के तीनों महिला प्रोड्यूसर्स ने बराबर पैसा लगाया और ऐसे में ये फिल्म 2 करोड़ में तैयार हुई अब अब 300 करोड़ के करीब है ऐसे जिसकी जितनी हिस्सेदारी थी उसकी उतनी भागीदारी होगी.
कौन हैं 'हनुमान अंश' की तीन महिला प्रोड्यूसर्स?
फिल्म के प्रोडक्शन से रागिनी सोना, नम्रता जी सिंह और अनुप्रिया नागर जुड़ी हैं. हालांकि तीनों की भूमिका और फिल्म में आने का समय एक जैसा नहीं था. रागिनी सोना और नम्रता सिंह फिल्म की शुरुआती प्रोड्यूसर टीम का हिस्सा थीं, जबकि अनुप्रिया नागर फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद पोस्ट-प्रोडक्शन के चरण में प्रोजेक्ट से जुड़ीं.
यही वजह है कि अनुप्रिया के फिल्म में योगदान को लेकर सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में अलग-अलग दावे सामने आए. अनुप्रिया ने खुद साफ किया कि उन्होंने पूरी फिल्म का बजट अकेले नहीं लगाया, बल्कि कुल निवेश में लगभग एक-तिहाई योगदान दिया.
रागिनी सोना- बजट को काबू में रखकर बड़े पर्दे के लिए फिल्म बनाने का फैसला
'हनुमान अंश' के पीछे शुरुआती दौर से जुड़ी प्रमुख प्रोड्यूसर्स में रागिनी सोना का नाम आता है. फिल्म के निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने भी उनके योगदान का जिक्र किया है. रागिनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी. कम बजट में ऐसी फिल्म बनाना जिसे बड़े पर्दे पर उतारा जा सके.
उनका मानना था कि अगर फिल्म का बजट लगातार बढ़ता गया तो प्रोजेक्ट के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है. इसलिए उन्होंने निर्देशक को बजट के भीतर काम करने पर जोर दिया, हालांकि जहां जरूरी था वहां खर्च करने की स्वतंत्रता भी दी.
26 दिन का शूट था, 22 दिन में पूरा करना पड़ा
निर्देशक विशाल चतुर्वेदी के मुताबिक टीम शुरुआत में करीब 26 दिन के शूटिंग बजट को ध्यान में रखकर आगे बढ़ी थी. लेकिन शूट के दौरान यह महसूस हुआ कि उपलब्ध पैसे जल्दी खत्म हो सकते हैं. ऐसे में टीम ने शूटिंग को 26 दिन के बजाय 22 दिन में पूरा किया और पूरी टीम को उसी बजट के भीतर वापस लाने की कोशिश की. यानी फिल्म की सफलता से पहले इसकी शूटिंग ही एक तरह की बजट मैनेजमेंट चुनौती बन चुकी थी.
असली लोकेशन और सादगी बनी फिल्म की ताकत
रागिनी सोना के मुताबिक फिल्म को बहुत ज्यादा दिखावे के बजाय वास्तविक लोकेशन पर शूट किया गया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्म की कहानी और भावनाओं के साथ उसकी सादगी दर्शकों तक पहुंचनी चाहिए. इसी सोच के तहत टीम ने वास्तविक लोकेशन का इस्तेमाल किया. बाद में यही सादगी फिल्म की पहचान बन गई. रागिनी के अनुसार, जब फिल्म सिनेमाघरों में दर्शकों के बीच पहुंची और लोगों ने उसे स्वीकार करना शुरू किया, तो OTT प्लेटफॉर्म्स की तरफ से भी रुचि आने लगी.
नम्रता जी सिंह- शुरुआती निवेश से लेकर आगे की बड़ी योजना तक
फिल्म की शुरुआती प्रोड्यूसर टीम में नम्रता जी सिंह भी शामिल रहीं. निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने उनके और रागिनी सोना के योगदान को विशेष रूप से याद किया है. विशाल के मुताबिक, जब फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी थी और एडिटिंग यानी पोस्ट-प्रोडक्शन का काम आगे बढ़ रहा था, तब टीम के सामने फंड की चुनौती आई. इस दौर में फिल्म को पूरा करने के लिए अतिरिक्त पैसे की जरूरत थी.
यहीं से प्रोजेक्ट में अनुप्रिया नागर की एंट्री हुई.
इससे यह समझ आता है कि फिल्म की सफलता के पीछे सिर्फ रिलीज के समय किया गया निवेश नहीं था, बल्कि शुरुआती चरण से लेकर पोस्ट-प्रोडक्शन तक अलग-अलग समय पर निर्माताओं ने प्रोजेक्ट को संभाला. अब नम्रता सिंह की नजर फिल्म की अगली कड़ियों पर. फिल्म की सफलता के बाद इसके आगे की कहानी को लेकर भी योजनाएं सामने आई हैं. नम्रता सिंह ने फिल्म को ट्रायलॉजी में बदलने की योजना का खुलासा किया है. यानी 'हनुमान अंश' की कहानी सिर्फ पहली फिल्म तक सीमित नहीं रहने वाली. इसके दो और हिस्सों पर काम करने की योजना बताई गई है और तीसरी फिल्म की कहानी को ग्लोबल स्तर तक ले जाने की बात सामने आई है.
अनुप्रिया नागर- 21 साल की उम्र में फिल्म में लगाया अपनी बचत का पैसा
तीनों में सबसे ज्यादा चर्चा अनुप्रिया नागर की हुई. अनुप्रिया महज 21 साल की उम्र में फिल्म के प्रोडक्शन से जुड़ीं. लेकिन उनकी एंट्री शूटिंग शुरू होने के समय नहीं, बल्कि फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद हुई. उस वक्त फिल्म पोस्ट-प्रोडक्शन में थी और टीम को एडिटिंग समेत बाकी काम पूरा करने के लिए फंड की जरूरत थी. अनुप्रिया ने बताया कि उन्होंने फिल्म में अपनी पूरी बचत लगा दी थी. उन्होंने यह भी साफ किया कि लोग यह समझ रहे हैं कि पूरी फिल्म उन्होंने प्रोड्यूस की है, जबकि ऐसा नहीं है. उनके मुताबिक फिल्म में तीन महिलाओं का योगदान है और उन्होंने कुल बजट में लगभग एक-तिहाई निवेश किया.
अनुप्रिया को फिल्म में पैसा लगाने की प्रेरणा कहां से मिली?
अनुप्रिया ने अपने निवेश को सिर्फ कारोबारी फैसला नहीं बताया. उनके मुताबिक फिल्म में पैसा लगाने की प्रेरणा उन्हें नीम करोली बाबा से जुड़ी आस्था से मिली. उनका कहना है कि महाराज जी ने उन्हें अपने काम और बचत को भक्ति से जुड़े इस प्रोजेक्ट के लिए समर्पित करने की प्रेरणा दी. इसी वजह से अनुप्रिया के लिए 'हनुमान अंश' सिर्फ एक फिल्म प्रोजेक्ट नहीं रहा, बल्कि उससे उनका भावनात्मक जुड़ाव भी बन गया.
विदेश में पार्ट-टाइम काम से फिल्म प्रोडक्शन तक पहुंचीं अनुप्रिया
अनुप्रिया ने बताया कि वह कई वर्षों तक यूके में पार्ट-टाइम काम कर चुकी हैं. फिल्म में निवेश करने के फैसले को उन्होंने अपनी जिंदगी के एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में बताया. उनके मुताबिक, उन्होंने अपनी बचत का इस्तेमाल इस प्रोजेक्ट में इसलिए किया क्योंकि वह नीम करोली बाबा की कहानी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना चाहती थीं. उनकी इच्छा है कि भारत के लोग भी नीम करोली बाबा के जीवन और उनके आश्रम के बारे में जानें.
'हनुमान अंश' में अनुप्रिया ने कहानी नहीं लिखी थी
अनुप्रिया के नाम से जुड़ी एक और चर्चा फिल्म की कहानी और क्यूरेशन को लेकर थी. कुछ रिपोर्टों में उन्हें फिल्म की कहानी तैयार करने या उसे क्यूरेट करने से जोड़ा गया. लेकिन निर्देशक विशाल चतुर्वेदी ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि अनुप्रिया ने खुद स्पष्ट किया है कि उन्होंने फिल्म की कहानी नहीं लिखी और न ही उसे क्यूरेट किया. उनकी भूमिका मुख्य रूप से पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में बतौर प्रोड्यूसर और निवेशक जुड़ने की रही.
तीनों महिलाओं की कहानी अलग, लेकिन मकसद एक
अगर 'हनुमान अंश' की पूरी यात्रा को देखें तो तीनों महिला प्रोड्यूसर्स की भूमिका अलग-अलग चरणों में दिखाई देती है. रागिनी सोना ने शुरुआत से फिल्म के बजट और निर्माण को संभालने में भूमिका निभाई. नम्रता जी सिंह शुरुआती निवेश और प्रोडक्शन टीम का हिस्सा रहीं तथा अब फिल्म की अगली कड़ियों की योजना में भी उनका नाम सामने आया है. वहीं अनुप्रिया नागर शूटिंग पूरी होने के बाद उस समय आईं जब फिल्म को पोस्ट-प्रोडक्शन पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत थी. इस तरह फिल्म की यात्रा में तीनों का योगदान अलग समय और अलग तरीके से जुड़ा रहा.
कम बजट की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर किया बड़ा कारोबार
रिपोर्ट में फिल्म का बजट करीब ₹2 करोड़ बताया गया है. वहीं उपलब्ध बॉक्स ऑफिस आंकड़ों के अनुसार फिल्म ने 40 दिनों में करीब ₹291.40 करोड़ का ग्लोबल ग्रॉस कलेक्शन किया. भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन करीब ₹272.90 करोड़ और नेट कलेक्शन करीब ₹231.13 करोड़ बताया गया है. हालांकि बॉक्स ऑफिस के आंकड़े अलग-अलग ट्रैकर्स और रिपोर्टों में बदल सकते हैं, लेकिन फिल्म के प्रदर्शन ने इसे निर्माताओं के लिए बड़ा व्यावसायिक मोड़ जरूर दिया.
OTT प्लेटफॉर्म्स की नजर भी 'हनुमान अंश' पर
थिएट्रिकल सफलता के बाद फिल्म को लेकर OTT प्लेटफॉर्म्स की दिलचस्पी भी बढ़ी है. रागिनी सोना के मुताबिक, एक, दो और कभी-कभी तीन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स फिल्म को हासिल करने में रुचि दिखा रहे हैं. दिलचस्प बात यह है कि निर्माताओं ने शुरुआत से फिल्म को OTT प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं देखा था. रागिनी के मुताबिक टीम का लक्ष्य फिल्म को बड़े पर्दे पर रिलीज करना था और इसी दिशा में Cinepolis के साथ भी शुरुआत से बातचीत चल रही थी.
'हनुमान अंश' की सफलता के बाद ट्रायलॉजी की तैयारी
फिल्म की सफलता के बाद अब निर्माता इसकी अगली दो फिल्मों की योजना पर आगे बढ़ रहे हैं. बताया गया है कि 'हनुमान अंश' को तीन फिल्मों की सीरीज में विकसित करने की तैयारी है. तीसरी किस्त की कहानी को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की योजना भी सामने आई है. यानी जिन निर्माताओं ने सीमित बजट, पोस्ट-प्रोडक्शन फंड और कम दिनों में शूट पूरा करने जैसी चुनौतियों के बीच पहला हिस्सा तैयार किया, वे अब उसी कहानी को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी में हैं.
नीम करोली बाबा की कहानी पर बनी है 'हनुमान अंश'
'हनुमान अंश' निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म है और इसकी कहानी नीम करोली बाबा के जीवन से प्रेरित बताई गई है. फिल्म में आध्यात्मिक यात्रा के साथ आस्था, प्रेम, करुणा, भक्ति और निस्वार्थ सेवा जैसे विषयों को केंद्र में रखा गया है. नीम करोली बाबा का जन्म नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है. उत्तराखंड का कैंची धाम आज भी उनके अनुयायियों के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में शामिल है.
तीनों प्रोड्यूसर्स की सफलता की कहानी का असली मोड़
'हनुमान अंश' की कहानी सिर्फ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की कहानी नहीं है. यह तीन अलग-अलग महिलाओं के फिल्म निर्माण से जुड़ने की कहानी भी है. एक तरफ रागिनी सोना और नम्रता सिंह ने शुरुआती दौर में सीमित संसाधनों के साथ प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया, तो दूसरी तरफ अनुप्रिया नागर ने पोस्ट-प्रोडक्शन के महत्वपूर्ण चरण में अपनी बचत लगाकर फिल्म को पूरा करने में योगदान दिया. फिल्म की सफलता के बाद अब इन्हीं तीनों प्रोड्यूसर्स के सामने अगली चुनौती 'हनुमान अंश' की कहानी को दो और फिल्मों तक ले जाने की है.




