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बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, वहां के लिए PAK नागरिकों लेना पड़ेगा वीजा! शाहबाज के खिलाफ ‘वारंट’ जारी करने वाला कौन?

बलूच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलूच के बड़े दावे ने पाकिस्तान की राजनीति में हलचल मचा दी है. मीर यार बलूच द्वारा पाक नागरिकों के लिए वीजा नियम और पीएम शाहबाज शरीफ के खिलाफ वारंट जारी होने के दावे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. बलूच के इस फरमान के बाद से यह चर्चा जोरों पर है कि पाकिस्तान में आखिर यह क्या हो रहा है?

बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं, वहां के लिए PAK नागरिकों लेना पड़ेगा वीजा! शाहबाज के खिलाफ ‘वारंट’ जारी करने वाला कौन?
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( Image Source:  ani and https://x.com/sarcastic_us )

पाकिस्तान की राजनीति और संप्रभुता को लेकर एक बार फिर बलूचिस्तान से बड़ा दावा सामने आया है. बलूच नेता मीर यार बलूच ने न सिर्फ यह ऐलान किया कि अब पाकिस्तानी नागरिकों को बलूचिस्तान में प्रवेश के लिए वीजा लेना होगा, बल्कि यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. इन बयानों ने दक्षिण एशिया की राजनीति में हलचल मचा दी है और यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह केवल एक राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति है या बलूच आंदोलन किसी नए चरण में प्रवेश कर चुका है. इस मसले पर अभी तक पाकिस्तान सरकार की प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

दरअसल, पाकिस्तान में आये दिन कुछ न कुछ ऐसा होता रहता है, जिससे उसकी दुनिया भर में फजीहत होती है. अब बलूचिस्तान की निर्वासित सरकार ने वहां के पीएम के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सबको चौंका दिया है. यह स्थिति उस समय उठ खड़ी हुई, जब बलूचिस्तान एक्टिविस्ट मीर यार बलूच ने एक्स पर पीएम शहबाज शरीफ पर वीजा नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा है कि शहबाज शरीफ को अवैध रूप से बलूचिस्तान में घुसने के लिए गिरफ्तार किया जा सकता है. मीर यार बलूच के इस पोस्ट ने बलूचिस्तान की संप्रभुता को पाकिस्तान द्वारा जानबूझकर नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है.

बलूचिस्तान के लिए अलग से वीजा की जरूरत?

बलूचिस्तान सहित पाकिस्तान के किसी भी क्षेत्र में यात्रा करने वाले लोगों को स्टैंडर्ड पाकिस्तान टूरिस्ट वीजा की जरूरत होती है. 191 अलग-अलग देशों के लोग देश के ई-वीजा सिस्टम का इस्तेमाल करके अप्लाई कर सकते हैं?. ई-वीजा प्रोसेस में लेटर ऑफ इनविटेशन की जरूरत होती है. स्टैंडर्ड टूरिस्ट वीजा के साथ बलूचिस्तान में जाने के लिए अलग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के लिए भी अप्लाई करना होता है. बलूचिस्तान और बाकी पाकिस्तान के लिए वीजा की ज़रूरतें एक जैसी हैं. अलग से कोई वीजा लेने की जरूरत नहीं. कोई भी टूरिस्ट पाक सरकार से अप्रूव्ड NOC सर्टिफिकेट के बिना बलूचिस्तान यात्रा नहीं कर सकते.

पीएम शहबाज करें वीजा नीति का पालन

बलूचिस्तान के मीर यार बलूच ने 8 जनवरी के अपने एक पोस्ट में लिखा है कि पाकिस्तानी विदेशियों के लिए यात्रा सलाह आये दिन देते रहते हैं कि बिना सही वीजा और परमिट के बलूचिस्तान न आएं. इतना ही नहीं पाकिस्तान बार-बार दुनिया को डिप्लोमेसी पर लेक्चर भी देता है. वहीं पाकिस्तान सरकार इस बात को आसानी से नजरअंदाज कर देती है कि उसका अपना प्रधानमंत्री पड़ोसी राज्य तथाकथित रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान में बिना वीजा के यात्रा करता रहा है. ऐसा काम, अगर उसे गिरफ्तार किया जाता है और देश से निकाला जाता है, तो पाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय मजाक और अभूतपूर्व शर्मिंदगी का सामना करना पड़ेगा.

बलूचिस्तान एक आजाद देश है और पाकिस्तान जितनी जल्दी इस सच्चाई को मान लेगा, उतना ही अच्छा होगा. बलूचिस्तान को अपनी मर्जी से इस्तेमाल की जाने वाली कॉलोनी की तरह मानने का दौर खत्म हो रहा है. बलूच राष्ट्र ने एक स्पष्ट और अपरिवर्तनीय फैसला लिया है. वह यह है कि वो अपने समुद्र तट, अपने प्राकृतिक संसाधनों, अपनी जमीन, अपने पानी और अपने हवाई क्षेत्र की रक्षा सभी जरूरी कानूनी तरीकों से करेगा.

फिर पाक नागरिकों के लिए वीजा की बात क्यों?

मीर यार बलूच का कहना है कि बलूचिस्तान एक स्वतंत्र राष्ट्र है, इसलिए पाकिस्तानी नागरिकों, वहां के सुरक्षा बलों और सरकारी अधिकारियों को बलूचिस्तान में प्रवेश के लिए वीजा और अनुमति लेनी होगी. हालांकि, यह घोषणा किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था या देश द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं है. फिलहाल, पाकिस्तान के नागरिकों और दुनिया भर के लोगों को शहबाज सरकार की ओर से इस पर प्रतिक्रिया का इंतजार है.

कौन है मीर यार बलूच?

मीर यार बलूच (Mir Yar Baloch) एक बलूच लेखक, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता और बलूच राष्ट्रवादी नेता है, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत का रहने वाला है. मीर बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की वकालत करता है और खुद को रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के प्रतिनिधि के रूप में पेश करता है. उसने 9 मई 2025 को बलूचिस्तान के पाकिस्तान से अलग होने की घोषणा भी की थी.

मीर याद बलूच का अपने प्रांत के लोगों के अधिकारों, पाकिस्तान और ईरान में कथित उत्पीड़न तथा मानवाधिकार उल्लंघनों के खिलाफ आवाज उठाने का रिकॉर्ड है. उन्होंने भारत सहित कई देशों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की है. उनके बयान अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मंचों पर वायरल होते हैं, जिनमें वे बलूचिस्तान के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक समर्थन मांगते हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर भी टिप्पणी करते हैं.

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