तानाशाह का वारिस, सुधारक बनने की कोशिश और अब हत्या, कौन था सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी?
लीबिया के तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी का वारिस, सुधारक बनने की कोशिश और नकाबपोश के हमले में मारे गए सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी कौन थे? जानें उनकी राजनीति, संपत्ति और लीबिया में उनकी भूमिका.
लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में हैं. वजह, उनकी कथित हत्या की खबरें, जिसने लीबिया की पहले से अस्थिर राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है. कभी पिता गद्दाफी का राजनीतिक उत्तराधिकारी, कभी पश्चिमी देशों से संवाद का चेहरा और कभी सुधारक नेता के रूप में पेश किए गए सैफ अल-इस्लाम की ज़िंदगी सत्ता, संघर्ष और विवादों से भरी रही. हालांकि अब तक उनकी हत्या को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उनका नाम सामने आते ही लीबिया के तानाशाह दौर, 2011 की क्रांति और अधूरी राजनीतिक वापसी की कहानी फिर चर्चा में आ गई है.
लीबिया के पूर्व तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी की हत्या की खबरें, जिसने लीबिया की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है. सैफ अल-इस्लाम का नाम सामने आते ही सत्ता, संघर्ष और भविष्य की राजनीति की यादें ताज़ा हो गईं.
कौन हैं सैफ अल-इस्लाम गद्दाफी?
तानाशाह मुअम्मर गद्दाफी के बेटे का पूरा नाम सैफ अल-इस्लाम मुअम्मर गद्दाफी है. वह 53 साल के थे. सैफ अल इस्लाम में पहले अपनी छवि सुधारवादी नेता की बनाई, लेकिन इसमें सफल न होने पर वह अपने पिता यानी तानाशाह गद्दाफी की राह पर चल पड़े थे. उन्हें कभी गद्दाफी का उत्तराधिकारी माना जाता था और वे 2021 में राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा कर चर्चा में आए थे. सैफ पर 2011 की क्रांति के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप थे. सैफ अल-इस्लाम को 2015 में त्रिपोली की एक अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था.
साल 2021 में चुनाव लड़ने की कोशिश के बाद से ही उनकी जान को खतरा बना हुआ था और वे लीबिया के बंटे हुए राजनीतिक माहौल में अपनी जगह तलाश रहे थे. भारत में जैसे किसी राजनीतिक परिवार का 'सॉफ्ट फेस' सामने लाया जाता है, वैसा ही रोल लीबिया में सैफ अल-इस्लाम निभाते आये थे.
क्या करते थे सैफ अल-इस्लाम?
गद्दाफी शासन में राजनीतिक रणनीतिकार माने जाते थे. सरकार और पश्चिमी देशों के बीच डिप्लोमैटिक ब्रिज का काम कर रहे थे. वह Saif al Islam Gaddafi Foundation के जरिए सामाजिक और शैक्षणिक काम भी करते थे. उन्हें लीबिया का वो चेहरा माना जाता था जो देश को तानाशाही से आधुनिक राजनीति की ओर ले जा सकता था.
क्यों माना जाता था लीबिया का भावी नेता?
पिता गद्दाफी ने खुद उन्हें राजनीतिक उत्तराधिकारी के तौर पर तैयार किया था. सेना, प्रशासन और जनजातीय नेताओं से सीधा संपर्क में रहते थे. पश्चिमी देशों में पढ़ाई और ग्लोबल एक्सपोजर रहा है. ठीक वैसे जैसे भारत में किसी बड़े नेता का बेटा “नेक्स्ट जनरेशन लीडर” माना जाता है.
लीबिया में किस ओहदे पर थे?
आधिकारिक तौर पर राष्ट्रपति नहीं, लेकिन पावर सेंटर के सबसे करीब थे. संविधान सुधार, मानवाधिकार और आर्थिक बदलावों के चेहरे कहा जाना जाता था. गद्दाफी सत्ता चलाते थे, लेकिन भविष्य सैफ अल इस्लाम का लिखा जा रहा था.
कितनी है सैफ अल-इस्लाम की संपत्ति?
इसको लेकर सटीक आंकड़ा अभी सामने नहीं आया है. एक अनुमान के मुताबिक उनके पास अरबों डॉलर की पारिवारिक संपत्ति है. तेल, विदेशी निवेश और अंतरराष्ट्रीय अकाउंट्स से जुड़ा नाम है. गद्दाफी परिवार को अफ्रीका के सबसे अमीर राजनीतिक परिवारों में गिना जाता था.
2011 के बाद क्या हुआ?
लीबिया विद्रोह के दौरान वह गिरफ्तार हुए थे. अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) ने वार क्राइम्स के आरोप लगाए. कई सालों तक नजरबंद रहने के बाद राजनीतिक वापसी की कोशिश की थी. 2021 में तो उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का संकेत देकर दुनिया को चौंका दिया था.
क्या है उनकी सबसे बड़ी खासियत?
पिता से अलग पॉलिश्ड और राजनीतिक सोच. अंतरराष्ट्रीय राजनीति की समझ रखने वाले नेता. जनता से सीधा संपर्क में रहते थे. यही वजह थी कि उन्हें तानाशाह का बेटा नहीं, संभावित सुधारक नेता कहा गया.
हत्या की खबरों पर सस्पेंस क्यों?
सैफ अल-इस्लाम मुअम्मर गद्दाफी की हत्या की अभी तक किसी ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. लीबिया में पहले भी कई बार अफवाहें फैलीं थी. सत्ता संघर्ष के दौर में ऐसी खबरें आम मानी जाती हैं. भारत की राजनीति में जैसे 'फ्लैश ब्रेकिंग' आती है और फिर फैक्ट-चेक होता है, वैसा ही मामला यहां भी है.





