January 29, 2026
आज की Gen Z रील्स, ट्रेंड्स, और डिजिटल शोर के बीच अपनी पहचान ढूंढ रही है. ऐसे समय में महात्मा गांधी के विचार पुराने नहीं, बल्कि बेहद रिलेटेबल लाइफ हैक्स जैसे लगते हैं. यह जनरेशन उनसे बहुत कुछ सीख सकती है.
यह कहना गलत नहीं होगा कि Gen Z आजकल झूठ और दिखावे की जिंदगी जी रहा है. ऐसे में गांधी जी का खुद से ईमानदार रहने की सीख काम आएगी.
आजकल Gen Z ट्रेंड को फॉलो करता है, लेकिन गांधी जी का कहना था कि भीड़ में शामिल नहीं होना चाहिए. यानी अपने वैल्यूज़ तय करें, भले शुरुआत में अकेले क्यों न रहना पड़े.
Gen Z का मानना है कि किसी भी बात को लेकर चुप नहीं बैठना चाहिए, लेकिन गांधी जी कह गए शांति पावर है कमजोरी नहीं. मतलब गुस्से में रिएक्ट करने से बेहतर है समझदारी से रिस्पॉन्ड करना. यही असली इमोशनल इंटेलिजेंस है.
आजकल सब कुछ पाने की होड़ ने सभी को परेशान कर रखा है, लेकिन गांधी जी से यह जनरेशन सीख सकती है कि कम चीज में खुशी और सुकून होता है.
आज की जनरेशन दूसरों को बदलने में लगी है, लेकिन गांधी जी का मानना था कि खुद पर काम करना जरूरी है. इससे बदलाव अपने आप आ जाएगा.
आजकल लोगों को लगता है कि महंगे कपड़े पहनना ही स्टाइल है, लेकिन ब्रांड्स से नहीं, विचारों से पहचान बनती है. सादगी भी एक स्टेटमेंट है.