January 24, 2026
कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी का नजारा भले ही खूबसूरत लगे, लेकिन इंसानी शरीर के लिए यह एक बड़ी चुनौती होता है. सवाल अक्सर उठता है कि आख़िर इंसान माइनस कितने तापमान तक ज़िंदा रह सकता है?
सही थर्मल कपड़े, ग्लव्स, हेड कवर और घर हो तो इंसान -40°C या इससे कम तापमान में भी कुछ समय तक जिंदा रह सकता है.
जब बॉडी का कोर टेम्परेचर 35°C से नीचे जाता है, तो हाइपोथर्मिया की शुरुआत हो जाती है. यही सबसे बड़ा जोखिम है.
लगभग 32.2°C पर पहुंचते ही मानसिक भ्रम, सुस्ती और याददाश्त में कमी दिखने लगती है. शरीर का कांपना भी कम हो सकता है.
कोर टेम्परेचर 30°C से नीचे गिरने पर अंगों के फेल होने और मौत का खतरा बहुत बढ़ जाता है.
नमी या भीगना शरीर की गर्मी तेजी से खींच लेता है, जिससे हाइपोथर्मिया जल्दी हो सकता है.
शरीर की गर्मी का बड़ा हिस्सा सिर, हथेलियों और पैरों से निकलता है. इन्हें ढकना जरूरी है.