बर्फबारी का ले रहे मजा, जान लें बॉडी कितना माइनस टेंपरेचर झेल सकती है

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माइनस टेंपरेंचर पर क्या होता है?

कड़कड़ाती ठंड और बर्फबारी का नजारा भले ही खूबसूरत लगे, लेकिन इंसानी शरीर के लिए यह एक बड़ी चुनौती होता है. सवाल अक्सर उठता है कि आख़िर इंसान माइनस कितने तापमान तक ज़िंदा रह सकता है?

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कितना होना चाहिए तापमान

सही थर्मल कपड़े, ग्लव्स, हेड कवर और घर हो तो इंसान -40°C या इससे कम तापमान में भी कुछ समय तक जिंदा रह सकता है.

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कितना माइनस टेंपरेचर खतरनाक

जब बॉडी का कोर टेम्परेचर 35°C से नीचे जाता है, तो हाइपोथर्मिया की शुरुआत हो जाती है. यही सबसे बड़ा जोखिम है.

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दिमाग पर असर

लगभग 32.2°C पर पहुंचते ही मानसिक भ्रम, सुस्ती और याददाश्त में कमी दिखने लगती है. शरीर का कांपना भी कम हो सकता है.

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मौत का खतरा

कोर टेम्परेचर 30°C से नीचे गिरने पर अंगों के फेल होने और मौत का खतरा बहुत बढ़ जाता है.

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गीले कपड़े हैं कारण

नमी या भीगना शरीर की गर्मी तेजी से खींच लेता है, जिससे हाइपोथर्मिया जल्दी हो सकता है.

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ये बात रखें ध्यान

शरीर की गर्मी का बड़ा हिस्सा सिर, हथेलियों और पैरों से निकलता है. इन्हें ढकना जरूरी है.

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