January 9, 2026
अग्निवेश के निधन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि वेदांता ग्रुप की भविष्य की कमान कौन संभालेगा. इंडस्ट्री में चर्चा है कि अब यह जिम्मेदारी अनिल अग्रवाल की बेटी प्रिया अग्रवाल हेब्बर निभा सकती हैं, जो पहले से ग्रुप में अहम भूमिका में हैं.
प्रिया अग्रवाल अनिल अग्रवाल की इकलौती बेटी हैं और फिलहाल हिंदुस्तान जिंक की चेयरपर्सन हैं. वे वेदांता ग्रुप और हिंदुस्तान जिंक के बोर्ड का हिस्सा भी रह चुकी हैं. CSR, पर्यावरण और सस्टेनेबिलिटी अभियानों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है.
प्रिया और अकार्ष की मुलाकात 2010 के आसपास मुंबई में हुई. दोनों जानवरों के प्रति गहरे लगाव से जुड़े. इसी सोच ने उन्हें YODA (Youth Organization in Defence of Animals) नाम का NGO शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जो आज मुंबई में सैकड़ों जानवरों की जान बचा चुका है.
प्रिया अग्रवाल के पति अकार्ष हेब्बर कर्नाटक के हेब्बर अयंगर ब्राह्मण समुदाय से आते हैं. उन्होंने इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट की पढ़ाई की है और मैकिन्से जैसी बड़ी कंपनी में काम कर चुके हैं. फिलहाल वेदांता के सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स में अहम भूमिका निभा रहे हैं.
प्रिया और अकार्ष की सगाई 2013 में बेहद गोपनीय तरीके से हुई, जबकि शादी उसी साल लंदन में शाही अंदाज में संपन्न हुई. इस शादी में जानवरों के लिए चैरिटी यानी YODA थीम को भी शामिल किया गया, जो उनके रिश्ते की पहचान बन गई.
अग्निवेश अग्रवाल के निधन के बाद वेदांता के भविष्य को लेकर नजरें अब प्रिया अग्रवाल और अकार्ष हेब्बर पर टिकी हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रिया का नेतृत्व और अकार्ष की टेक्नोलॉजी व मैनेजमेंट समझ वेदांता को नई दिशा दे सकती है. दुख की इस घड़ी में यही जोड़ी ग्रुप की अगली पीढ़ी बन सकती है.
अनिल अग्रवाल का जीवन संघर्ष और सफलता की मिसाल है. उन्होंने कबाड़ के कारोबार से शुरुआत की और आज दुनिया के बड़े उद्योगपतियों में गिने जाते हैं. Forbes के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल संपत्ति करीब 4.2 अरब डॉलर (लगभग 35,000 करोड़ रुपये) है.