वीडियो में दावा किया गया है कि नीट पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान केवल टेलीग्राम पर कार्रवाई करके नहीं हो सकता. इसमें कहा गया कि पेपर लीक के लिए सिर्फ टेलीग्राम ही नहीं, बल्कि कई अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म, निजी ग्रुप, ईमेल, क्लाउड सर्विस और ऑफलाइन माध्यम भी इस्तेमाल किए जा सकते हैं. वीडियो के मुताबिक असली समस्या परीक्षा प्रणाली और पेपर वितरण की सुरक्षा में मौजूद खामियां हैं, जिन पर सख्त निगरानी, ऑडिट और जवाबदेही की जरूरत है. वक्ता का तर्क है कि यदि प्रश्नपत्र तैयार होने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित नहीं बनाया गया, तो केवल एक प्लेटफॉर्म पर रोक लगाने से पेपर लीक जैसी घटनाएं पूरी तरह नहीं रुकेंगी.