क्या दुनिया सचमुच सोने के संकट की ओर बढ़ रही है? विशेषज्ञों का कहना है कि पृथ्वी पर मौजूद गोल्ड रिजर्व सीमित हैं और जिस रफ्तार से खनन हो रहा है, अगले 15 से 20 वर्षों में सोना बेहद दुर्लभ धातु बन सकता है. इसी बीच दुनिया के कई सेंट्रल बैंक तेजी से सोना खरीद रहे हैं और अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता घटा रहे हैं. यह बदलाव सिर्फ निवेश से जुड़ा नहीं है, बल्कि वैश्विक आर्थिक ताकत के संतुलन को भी बदल सकता है. इतिहास में 1971 में खत्म हुए गोल्ड स्टैंडर्ड से लेकर आज की महंगाई, मंदी और भू-राजनीतिक तनाव तक - सोना एक बार फिर दुनिया की अर्थव्यवस्था के केंद्र में लौटता दिख रहा है.