भारत के गोल्ड रिजर्व और विदेशी मुद्रा भंडार को लेकर इन दिनों नई चर्चा शुरू हो गई है. एक्सपर्ट शरद कोहली का कहना है कि वैश्विक तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल विवाद और पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत ने विदेशों में रखा अपना करीब 150 मीट्रिक टन सोना वापस मंगाया है. बताया जा रहा है कि यह सोना पहले लंदन जैसे वित्तीय केंद्रों में रखा गया था, लेकिन अब बदलती वैश्विक परिस्थितियों और सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए इसे भारत लाया जा रहा है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोगों से कुछ समय तक सोना कम खरीदने की सलाह देने के बाद बाजार में चर्चा तेज हो गई कि क्या इससे सोने की कीमतें गिर सकती हैं. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें भारत में नहीं बल्कि न्यूयॉर्क, लंदन और शंघाई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार तय करते हैं, इसलिए घरेलू मांग घटने से कीमतों पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा. दूसरी तरफ चांदी की मांग तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि यह सिर्फ निवेश ही नहीं बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर और AI जैसी इंडस्ट्री में भी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है.