दुनिया भर में सोने और चांदी की कीमतों ने जैसे आग पकड़ ली है. भारत में भी निवेशक, ज्वेलर्स और आम लोग एक ही सवाल पूछ रहे हैं - यह उछाल आखिर कहां जाकर रुकेगा? दिलचस्प बात यह है कि इस बार सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी ने भी ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि वर्षों से “सोने के पीछे चलने” वाली धातु अब कई मौकों पर उसे पछाड़ती नजर आ रही है. इन्हीं सवालों पर मशहूर अर्थशास्त्री Dr Sharad Kohli ने स्टेट मिरर हिंदी के साथ विस्तार से चर्चा की. बातचीत में उन्होंने गोल्ड, सिल्वर, ट्रंप फैक्टर, चीन, भारत और वैश्विक अर्थव्यवस्था के समीकरणों को ठोस तथ्यों के साथ समझाया.