वाटर मैन ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर राजेंद्र सिंह ने चेतावनी दी है कि अगर अरावली को नहीं बचाया गया, तो उत्तर भारत गंभीर जल संकट की ओर बढ़ सकता है. उनके अनुसार अरावली सिर्फ पहाड़ नहीं, बल्कि राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली के भूजल स्तर को संतुलित रखने वाली प्राकृतिक जल-रीढ़ है. अगर निचले पहाड़ी क्षेत्रों को संरक्षण से बाहर किया गया, तो खनन और रियल एस्टेट गतिविधियां अरावली के बड़े हिस्से को नष्ट कर सकती हैं. राजेंद्र सिंह ने इसे “क्लाइमेट सुसाइड” करार देते हुए कहा कि पहाड़ों का विनाश सीधे भूजल रिचार्ज सिस्टम को खत्म कर देगा. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या विकास नीतियां पर्यावरण के लिए खतरा बन रही हैं और क्या आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बच पाएगा?