भारत स्वदेशी ड्रोन तकनीक में लगातार अपनी क्षमता बढ़ा रहा है और इसी कड़ी में प्रोजेक्ट काल का नाम चर्चा में है. काल को लंबी दूरी के वन-वे अटैक ड्रोन के तौर पर विकसित किया जा रहा है. इसके प्रोजेक्टेड स्पेसिफिकेशन में करीब 1,000 किमी रेंज और 7-8 घंटे तक उड़ान का दावा किया गया है. बताई गई क्षमताओं में 160 किमी/घंटा क्रूज स्पीड, 200 किमी/घंटा अधिकतम गति और करीब 50 किलोग्राम पेलोड शामिल हैं. हालांकि, इन आंकड़ों को विकास संबंधी/प्रोजेक्टेड स्पेसिफिकेशन के तौर पर देखना चाहिए; इन्हें अभी पूरी तरह ऑपरेशनल क्षमता मानना सही नहीं होगा. भारत के ड्रोन इकोसिस्टम में शेषनाग-150, नागस्त्र-1 और नागस्त्र-1R जैसे सिस्टम भी अलग-अलग भूमिकाओं के लिए विकसित किए जा रहे हैं. इन ड्रोन परियोजनाओं के पीछे आधुनिक युद्ध में कम लागत वाले और बड़ी संख्या में इस्तेमाल किए जा सकने वाले सिस्टम की बढ़ती जरूरत भी एक वजह है. अगर प्रोजेक्ट काल अपने घोषित लक्ष्यों पर खरा उतरता है, तो यह भारत की लंबी दूरी की स्वदेशी ड्रोन क्षमता में अहम बढ़ोतरी हो सकती है.