मथुरा-वृंदावन की धार्मिक नगरी में 25 सितंबर 2026 को प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण की संदिग्ध मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. घटना के बाद जहां पुलिस जांच जारी है, वहीं सोशल मीडिया और अलग-अलग दावों के बीच इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आश्रम परिसर में उस दिन क्या हुआ था और इस घटना से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है? इसी बीच एक और सवाल चर्चा के केंद्र में है. क्या घटना से करीब दो महीने पहले ही प्रेमानंद महाराज अपने मूल आश्रम से दूसरे आश्रम में चले गए थे? इस पूरे मामले की इनसाइड जानकारी और उठ रहे सवालों को समझने के लिए स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान ने सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ फौजदारी वकील डॉ. एपी सिंह से खास बातचीत की है. डॉ. एपी सिंह का रसिक दुलारी से संपर्क रहा है और उन्होंने बातचीत में इस मामले से जुड़े कई पहलुओं पर अपनी बात रखी.