एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक घटना में 27 साल की महाकाली नंदगिरी, जिन्हें पूरे भारत में “लेडी अघोरी माता” के नाम से जाना जाता है, को इंटरनेशनल किन्नर अखाड़ा का महामंडलेश्वर घोषित किया गया है. यह उपलब्धि उन्हें अखाड़ा परंपरा की सबसे कम उम्र की आध्यात्मिक नेताओं में शामिल करती है. तेलंगाना के एक छोटे से इलाके में जन्मी महाकाली नंदगिरी ने बहुत कम उम्र में ही आध्यात्मिक जीवन का रास्ता चुन लिया था. बताया जाता है कि उन्होंने महज 9 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था, ताकि साधना और तपस्या के रास्ते पर चल सकें.