दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है. सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाई गई. CRPF ने मामले की आंतरिक जांच शुरू की है और कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक निष्कर्ष सामने रखा जाएगा. जांच में वीडियो फुटेज, ऑपरेशन रिकॉर्ड और ड्यूटी पर तैनात जवानों के बयानों की समीक्षा की जा रही है. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि एक RAF जवान की पहचान की गई है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. घायल प्रदर्शनकारियों के इलाज और कथित पैलेट चोटों को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आए हैं. विपक्ष ने इस मुद्दे को संसद में उठाया है, जबकि पुलिस पहले पैलेट गन के इस्तेमाल से इनकार कर चुकी थी. फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी.