भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने भरे उच्च न्यायालय में देश के लाखों-करोड़ों शिक्षित बेरोजगार युवाओं को ‘कॉकरोच’ कह तो डाला. यही बकवास बयान मगर अब उनकी इज्जत की मिट्टी भी पलीद कर रहा है. भले ही अपनी इज्जत की ऐसी तैसी होती देखकर जस्टिस सूर्यकांत अपनी थोड़ी-बहुत बची खुची गरिमा बचाने के लिए और आइंदा आने वाली पीढ़ियों द्वारा हमेशा न कोसे जाने की गरज से वह ‘बैकफुट’ पर क्यों न आ गए हों. अपने बचाव में ‘ऐसा नहीं था वैसा था. वैसा नही था ऐसा था’...आदि-आदि तमाम बे-मतलब की सफाइयां क्यों न दे रहे हों, मगर लोकतांत्रिक देश भारत की जनता उन्हें किसी भी कीमत पर माफ करने को राजी नहीं है. इसी को लेकर स्टेट मिरर हिंदी ने दिल्ली हाई कोर्ट से रिटायर्ड SN Dhingra से बातचीत की है जिसमें उन्होंने क्या कुछ कहा आइए एक वीडियो में जानते हैं...