IAS सविता प्रधान आज किसी पहचान की मोहताज नहीं है. हालांकि, उनका यह सफर आसान नहीं रहा. उन्हें बाथरूम में छिपकर रोटी खाना पड़ा, पति का जुल्म सहना पड़ा और एक दिन तो सुसाइड करने की भी ख्याल मन में आया, लेकिन भगवान ने उनकी किस्मत में कुछ और लिखा था. उन्होंने जिंदगी से हार नहीं मानी. ब्यूटी पॉर्लर में काम किया, बच्चों को ट्यूशन पढ़ाया और खुद भी पढ़ाई जारी रखी. आज वे सिंगरौली में नगर निगम कमिश्नर पद पर कार्यरत हैं.