असम, केरल और पुद्दुचेरी में इस बार हुई रिकॉर्ड वोटिंग ने सियासी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है. जब इतनी बड़ी संख्या में लोग मतदान करते हैं, तो यह साफ संकेत होता है कि या तो सरकार के प्रति मजबूत समर्थन है या फिर बदलाव की लहर चल रही है. इस खास रिपोर्ट में वरिष्ठ पत्रकारों के विश्लेषण के जरिए समझाया गया है कि असम में हिमंता बिस्वा सरमा की रणनीति कितनी प्रभावी रही, केरल में कांग्रेस और वामपंथ के बीच मुकाबला किस दिशा में बढ़ रहा है, और पुद्दुचेरी में NDA को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा, विजय थलपति की राजनीति में बढ़ती सक्रियता को भी समझने की कोशिश की गई है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इस बार ‘साइलेंट वोटर’ ही चुनाव का असली किंगमेकर बनेगा?