भारत और फ्रांस के बीच हुए नए रणनीतिक समझौतों ने रक्षा, व्यापार और भू-राजनीति तीनों मोर्चों पर बड़ा संदेश दिया है. इस डील में राफेल फाइटर जेट, इंजन टेक्नोलॉजी पर साफरान के साथ संभावित सहयोग और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी शामिल है. विशेषज्ञों के मुताबिक भारत का अमेरिकी F-35 की बजाय Rafale को प्राथमिकता देना उसकी स्वतंत्र रणनीतिक सोच को दिखाता है. इन तमाम मुद्दों पर स्टेट मिरर हिंदी ने विशेषज्ञों से बात की. चर्चा में यह भी सामने आया कि यह समझौता चीन और पाकिस्तान के लिए क्या संकेत देता है और कैसे भारत–फ्रांस साझेदारी वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती है.