भारतीय नौसेना के पूर्व कमांडो ने MARCOS (Marine Commandos) की ताकत और काम करने के तरीके को बेहद रोचक अंदाज़ में समझाया.उन्होंने बताया कि जब भी किसी खतरनाक समुद्री ऑपरेशन की बात आती है, तो ड्रोन, एयरक्राफ्ट और त्रि-सेवा समन्वय के जरिए अचानक इतनी तेजी से कार्रवाई होती है कि दुश्मन को संभलने का मौका ही नहीं मिलता.कई बार ऑपरेशन के दौरान स्काईडाइविंग, पानी के अंदर मूवमेंट और समुद्री जहाजों पर सटीक घेराबंदी जैसी रणनीतियों का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे स्थिति पूरी तरह बदल जाती है. उन्होंने MARCOS की ट्रेनिंग और क्षमता पर कहा कि यह किसी एक अलग दुनिया की फोर्स नहीं है, बल्कि भारतीय सेना की ही तरह मजबूत ट्रेनिंग सिस्टम से गुजरती है.फर्क सिर्फ इतना है कि इनका काम समुद्र, हवा और पानी के अंदर तक फैला होता है, जहां हालात बेहद कठिन होते हैं.पानी के अंदर ऑपरेशन को सबसे मुश्किल बताया गया क्योंकि वहां परिस्थितियां पूरी तरह अनिश्चित होती हैं.इसी वजह से MARCOS को लेकर एक अलग तरह का डर और सम्मान दोनों ही मौजूद हैं, जो उन्हें भारतीय सेनाओं की सबसे खास स्पेशल फोर्स में शामिल करता है.