मिडिल ईस्ट और अन्य वैश्विक तनावों के बीच महंगाई बढ़ने की आशंका पर निवेश विशेषज्ञ दीपक वाधवा ने कहा कि अगर कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो उसका असर हर सेक्टर पर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ेगी और इसका सीधा असर सब्जियों, दवाइयों, बिजली और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों पर दिखाई देगा. उन्होंने लोगों को आने वाले समय में 10 से 15 प्रतिशत तक महंगाई के लिए मानसिक और आर्थिक रूप से तैयार रहने की सलाह दी. दीपक वाधवा ने सरकार द्वारा तेल की खपत कम करने की अपील को अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार बचाने की दिशा में सही कदम बताया. निवेश के विकल्पों पर उन्होंने कहा कि एफडी सबसे सुरक्षित है, लेकिन लंबी अवधि में म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार, गोल्ड और प्रॉपर्टी बेहतर रिटर्न दे सकते हैं. उनका कहना है कि निवेश से पहले अपने जोखिम को समझना जरूरी है और बिना जानकारी के सीधे शेयर बाजार में पैसा नहीं लगाना चाहिए. उन्होंने सलाह दी कि जिन्हें शेयर बाजार की जानकारी नहीं है, वे म्यूचुअल फंड के जरिए निवेश करें और लंबे समय तक निवेश बनाए रखें. दीपक वाधवा के मुताबिक निवेश में सबसे बड़ी गलती शॉर्ट टर्म सोच है, जबकि असली कमाई लॉन्ग टर्म निवेश से होती है.