असम के जोरहाट जिले में स्थित ऐतिहासिक ढेकी अखोवा बोरनामघर एक बार फिर असमिया संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का केंद्र बन गया है. यहां आयोजित पांच दिवसीय भावना प्रतियोगिता 2026 के दूसरे दिन श्रद्धालुओं और दर्शकों की भारी भीड़ देखने को मिली. असम के अलग-अलग जिलों से हजारों लोग इस धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन का साक्षी बनने पहुंचे. 15 जनवरी से शुरू हुई यह भावना प्रतियोगिता 19 जनवरी तक चलेगी. इसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से चुने गए कुल 10 भावना दल भाग ले रहे हैं. प्रतियोगिता के तहत हर दिन दो दलों के बीच प्रस्तुति हो रही है, जबकि 19 जनवरी को फाइनल राउंड आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम के दौरान NRD Group और Assam Live 24 के CMD नृपेन दास ने जनता के जबरदस्त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि भावना केवल मंचीय नाटक नहीं है, बल्कि यह असम की उस प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है, जो सत्य, धर्म, पुण्य और पाप के सिद्धांतों को दर्शाती है. नृपेन दास के अनुसार, भावना की जड़ें महापुरुष शंकरदेव और माधवदेव द्वारा स्थापित वैष्णव सांस्कृतिक आंदोलन से जुड़ी हैं और आज भी यह परंपरा असम की सांस्कृतिक पहचान को जीवंत बनाए हुए है.