बिहार के औरंगाबाद जिले के पीरू और बनतारा गांव अपनी अनोखी सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर चर्चा में हैं. यहां रहने वाले कई मुस्लिम परिवार अपने पूर्वजों का संबंध भूमिहार हिंदू परिवारों से बताते हैं.स्थानीय मान्यताओं के मुताबिक पीरू के कुछ परिवारों का इतिहास 14वीं शताब्दी के तुगलक काल से जोड़ा जाता है, हालांकि धर्म परिवर्तन की वजह को लेकर अलग-अलग दावे हैं. खास बात यह है कि निकाह मुस्लिम रीति से होने के बावजूद कुछ शादियों में हल्दी, मड़वा और हल गाड़ने जैसी पुरानी परंपराएं निभाई जाती हैं. कुछ परिवारों में राम और दशरथ से जुड़े पारंपरिक विवाह गीत गाए जाने की भी बात सामने आती है. स्थानीय लोगों के अनुसार हिंदू और मुस्लिम परिवारों के बीच सामाजिक रिश्ते आज भी मजबूत हैं और वे एक-दूसरे के पारिवारिक समारोहों में शामिल होते हैं. हालांकि इन ऐतिहासिक दावों की स्वतंत्र पुष्टि सभी पहलुओं पर नहीं हुई है, लेकिन ये गांव धर्म से अलग अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत की एक दिलचस्प तस्वीर पेश करते हैं.