बांग्लादेश में 2026 के आम चुनावों से पहले राजनीतिक हालात तेजी से अस्थिर होते जा रहे हैं. अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले, जमात-ए-इस्लामी की मजबूत होती पकड़ और अंतरिम सरकार की सीमित क्षमता ने भारत की सुरक्षा और कूटनीतिक हितों को चिंता में डाल दिया है. स्टेट मिरर के संवाददाता जितेंद्र चौहान से बातचीत में पूर्व भारतीय राजदूत वीना सिकरी ने स्पष्ट कहा कि हालिया घटनाएं किसी छात्र आंदोलन का परिणाम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित 'रिजीम चेंज ऑपरेशन' थीं, जिसमें पाकिस्तान और जमात-ए-इस्लामी की सक्रिय भूमिका रही. इन हालातों का सीधा असर भारत-बांग्लादेश व्यापार, सीमा सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग पर पड़ सकता है.