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जिंदा रहते जो नहीं हो पाया, शहादत के बाद हो गया; खामेनेई के जनाजे में उमड़े जनसैलाब पर बोले इस्लामिक स्कॉलर आसिफ जैदी

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khamenei funeral: जनाजे में दुनिया के नेता झुके, ट्रंप-नेतन्याहू ने देखा सुप्रीम लीडर का जलवा | Iran
जीतेंद्र चौहान
By: जीतेंद्र चौहान

Published on: 3 July 2026 11:02 PM

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे और उनके व्यक्तित्व को लेकर इस्लामिक स्कॉलर आसिफ जैदी ने विस्तार से अपनी बात रखी. उन्होंने State Mirror Hindi के साथ खास बातचीत में कहा कि खामेनेई ने आखिरी समय तक बंकर में जाने से इनकार किया और जनता के बीच रहने का फैसला किया. जैदी ने इसे 'इंसानियत के लिए शहादत' बताया. उनके मुताबिक खामेनेई की शहादत के बाद दुनिया भर में उनके प्रति सम्मान और बढ़ गया है. उन्होंने दावा किया कि जनाजे में करोड़ों लोगों के पहुंचने की उम्मीद है और भारत से भी कई लोग श्रद्धांजलि देने गए हैं. जैदी ने कहा कि खामेनेई बेहद सादा जीवन जीते थे और ईरान की तरक्की को प्राथमिकता देते थे. उन्होंने ईरान पर लगे आतंकवाद समर्थक आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि खामेनेई ने कभी हिंसा का समर्थन नहीं किया. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की जनता उनके निधन के बाद भी उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाएगी. हालांकि इंटरव्यू में खामेनेई के शासन, महिलाओं के विरोध प्रदर्शन और क्षेत्रीय संगठनों को लेकर उठे सवालों का भी जिक्र हुआ.