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उत्तराखंड-गुजरात के बाद अब असम में UCC, लिव-इन से शादी तक बदलेंगे नियम,विपक्ष ने उठाए बड़े सवाल

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Assam Assembly में पेश हुआ UCC Bill, चुनाव बाद Himanta Biswa Sharma का बड़ा दांव| State Mirror Hindi
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Published on: 26 May 2026 7:06 PM

असम में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर राजनीति तेज हो गई है. हिमंत बिस्वा सरमा सरकार ने विधानसभा में UCC बिल 2026 पेश कर दिया है. इसके साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद ऐसा करने वाला तीसरा भाजपा शासित राज्य बन गया है. इस बिल में शादी, तलाक, संपत्ति बंटवारा, गोद लेने और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं. सरकार का दावा है कि इससे महिलाओं और बच्चों को ज्यादा कानूनी सुरक्षा मिलेगी. वहीं बिल में विवाह और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य करने, बहुविवाह पर नियम तय करने और लिव-इन रिलेशन की जानकारी उप-पंजीयक को देने जैसे प्रावधान भी रखे गए हैं. हालांकि विपक्ष ने इस बिल का जोरदार विरोध किया है. विपक्षी नेताओं का कहना है कि सभी धर्मों और समुदायों से पर्याप्त चर्चा किए बिना बिल लाया गया है और इससे धार्मिक परंपराओं तथा निजी जीवन पर असर पड़ सकता है. खासतौर पर लिव-इन रिलेशनशिप के अनिवार्य रजिस्ट्रेशन और नियम तोड़ने पर जेल व जुर्माने के प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए गए हैं. वहीं सरकार का कहना है कि UCC संविधान के अनुच्छेद 44 के तहत समान कानून की दिशा में बड़ा कदम है और इससे महिलाओं को न्याय और बराबरी का अधिकार मिलेगा.


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