चारधाम यात्रा रुकी, 111 सड़कें बंद और IMD ने फिर जारी किया ऑरेंज अलर्ट, क्या उत्तराखंड में हालात और बिगड़ने वाले हैं?
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है. मौसम विभाग ने कई जगहों पर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. खराब मौसम, भूस्खलन, मलबा और पहाड़ों से गिर रहे पत्थरों के कारण प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है. अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने और रास्तों को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 29-30 जुलाई के लिए उत्तराखंड के आठ जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इस दौरान बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है.
क्या है उत्तराखंड के हालात?
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्यभर में कुल 111 सड़कें बंद हो गई हैं. इनमें तीन राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे) और छह राज्य राजमार्ग भी शामिल हैं. सबसे ज्यादा ग्रामीण सड़कें प्रभावित हुई हैं. इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD) की 24 सड़कें भी बंद हैं. प्रशासन की ओर से इन रास्तों को दोबारा खोलने के लिए लगातार बहाली का काम किया जा रहा है.
किन जिलों में कितनी सड़कें बंद?
- अल्मोड़ा – 2 सड़कें बंद
- बागेश्वर – 8 सड़कें बंद
- चमोली – 12 सड़कें बंद
- पौड़ी – 6 सड़कें बंद
- पिथौरागढ़ – 16 सड़कें बंद, जिनमें एक राष्ट्रीय राजमार्ग और एक बॉर्डर रोड्स का मार्ग शामिल है.
- रुद्रप्रयाग – 5 सड़कें बंद
- टिहरी – 17 सड़कें बंद
- उत्तरकाशी – 11 सड़कें बंद
सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
- आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक सबसे अधिक 233 मिमी बारिश देहरादून के मालदेवता में दर्ज की गई.
- देहरादून शहर – 194.5 मिमी
- जॉली ग्रांट – 172.2 मिमी
- मसूरी – 163 मिमी
- ऊखीमठ – 120 मिमी
- डीडीहाट – 102 मिमी
- मोहम्मदपुर – 95.8 मिमी
- धनोल्टी – 88 मिमी
- हल्द्वानी – 83 मिमी
- थल – 83 मिमी
- चमोली – 80.6 मिमी
- तेजम – 73 मिमी
- बेरीनाग – 72 मिमी
- कीर्तिनगर – 70 मिमी
- नरेंद्र नगर – 63 मिमी
- ऋषिकेश – 61.4 मिमी
- उत्तरकाशी मुख्यालय – 61 मिमी
- जाखोली – 58 मिमी
- सितारगंज – 57 मिमी
- भटवाड़ी – 55 मिमी
- कनालीछीना – 53.3 मिमी
- कपकोट – 53 मिमी
- जोशीमठ – 51 मिमी
- देवलथल – 50 मिमी
- बागेश्वर – 50 मिमी
- बंगापानी – 42 मिमी
- साल्ट – 40 मिमी
- किच्छा – 40 मिमी
- धारचूला – 38.8 मिमी
- देवप्रयाग – 38.4 मिमी
नदियों के क्या हैं हाल
लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है. रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी और अलकनंदा नदियां खतरे के निशान के करीब बह रही हैं, जिससे प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
लोगों को क्या सलाह दी गई?
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी इलाकों में बिना जरूरी कारण यात्रा न करें. मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और भूस्खलन संभावित मार्गों से दूर रहें. प्रशासन ने कहा है कि मौसम में सुधार और रास्तों के पूरी तरह सुरक्षित होने के बाद ही चारधाम यात्रा और हेमकुंड साहिब यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी.




