UPSC की तैयारी अब पतंजलि में! अवध ओझा संभालेंगे कमान, 1 से 2.5 लाख तक की फीस- रामदेव ने बताया क्या-क्या मिलेगी सुविधा
बाबा रामदेव ने पतंजलि IAS Academy की शुरुआत की घोषणा की है. अवध ओझा इसकी कमान संभालेंगे. जानिए फीस, स्कॉलरशिप, फैकल्टी और पूरी तैयारी का प्लान.
कभी योग, आयुर्वेद और FMCG कारोबार के लिए चर्चा में रहने वाला पतंजलि समूह अब एक ऐसे क्षेत्र में उतर गया है, जहां हर साल लाखों युवाओं का सपना और भविष्य जुड़ा होता है. बात हो रही है सिविल सर्विसेज कोचिंग सेक्टर की. योग गुरु स्वामी रामदेव ने पतंजलि योगपीठ से एक नई शुरुआत का ऐलान किया है, जिसके तहत अब UPSC और अन्य सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी. इस पूरे प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी कमान देश के चर्चित शिक्षक और मोटिवेशनल स्पीकर अवध ओझा को सौंपी गई है.
हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ में जब स्वामी रामदेव और अवध ओझा एक साथ मंच पर दिखाई दिए तो यह सिर्फ एक औपचारिक घोषणा नहीं थी, बल्कि देश के सबसे बड़े कोचिंग बाजार में एक नई एंट्री का संकेत भी था. दावा किया जा रहा है कि यह एकेडमी सिर्फ परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऐसे प्रशासनिक अधिकारी तैयार करेगी जिनमें नेतृत्व, नैतिकता और राष्ट्रहित की सोच हो.
1. क्या है पतंजलि सिविल सर्विसेज एकेडमी?
पतंजलि समूह ने आधिकारिक तौर पर सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई एकेडमी शुरू करने की घोषणा की है. इसका उद्देश्य UPSC, PCS और अन्य प्रशासनिक सेवाओं के अभ्यर्थियों को एक ही परिसर में पढ़ाई, मार्गदर्शन और व्यक्तित्व विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराना है.
2. क्यों चुने गए अवध ओझा?
अवध ओझा देश के सबसे चर्चित UPSC शिक्षकों में गिने जाते हैं. सोशल मीडिया पर उनके करोड़ों व्यूज वाले वीडियो हैं और हजारों छात्र उनकी कोचिंग से प्रशासनिक सेवाओं में चयनित हो चुके हैं. पतंजलि ने इसी लोकप्रियता और अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें एकेडमी का प्रमुख बनाया है.
3. रामदेव का विजन क्या है?
स्वामी रामदेव का कहना है कि देश को सिर्फ अधिकारी नहीं, बल्कि ऐसे प्रशासक चाहिए जो नैतिक मूल्यों, राष्ट्रहित और जनसेवा को प्राथमिकता दें. उनका दावा है कि एकेडमी का फोकस केवल नौकरी दिलाने पर नहीं बल्कि जिम्मेदार प्रशासनिक नेतृत्व तैयार करने पर होगा.
4. दिल्ली जैसी कोचिंग अब हरिद्वार में?
अवध ओझा का दावा है कि अब छात्रों को अच्छी तैयारी के लिए दिल्ली के कोचिंग हब्स पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि पतंजलि परिसर में देश के अनुभवी शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों को जोड़ा जाएगा, जिससे छात्रों को वही गुणवत्ता मिलेगी जो बड़े कोचिंग संस्थानों में उपलब्ध होती है.
5. पढ़ाई के साथ योग और मेडिटेशन का कॉम्बिनेशन
UPSC की तैयारी को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में माना जाता है. लंबे समय तक पढ़ाई, असफलता का डर और लगातार मानसिक दबाव कई छात्रों को प्रभावित करता है. इसी को देखते हुए एकेडमी में योग, ध्यान और अनुशासित दिनचर्या को भी पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा.
6. छात्रों के व्यक्तित्व विकास पर रहेगा फोकस
एकेडमी का दावा है कि यहां सिर्फ किताबों तक सीमित शिक्षा नहीं दी जाएगी. छात्रों को संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और प्रशासनिक सोच विकसित करने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी.
7. फीस कितनी होगी?
स्वामी रामदेव के अनुसार, पतंजलि विश्वविद्यालय से जुड़े छात्रों के लिए फीस एक लाख रुपये से कम रखी जाएगी. वहीं बाहरी छात्रों को करीब 2.5 लाख रुपये फीस देनी होगी.
8. मेधावी छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप
- एकेडमी ने स्कॉलरशिप योजना का भी ऐलान किया है.
- 80 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले छात्रों को 25,000 रुपये तक की छूट.
- 98 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की फीस पूरी तरह माफ की जा सकती है.
- अन्य मेरिट आधारित छात्रवृत्तियां भी दी जाएंगी.
9. कितना बड़ा है UPSC कोचिंग बाजार?
इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के अनुसार भारत का सिविल सर्विसेज कोचिंग सेक्टर लगभग 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये का बाजार माना जाता है. हर साल लाखों छात्र UPSC की तैयारी पर भारी रकम खर्च करते हैं. ऐसे में पतंजलि की एंट्री को एक बड़े कारोबारी और शैक्षणिक कदम के रूप में देखा जा रहा है.
10. पतंजलि का यह पहला नया प्रयोग नहीं
पतंजलि ने पिछले कुछ वर्षों में योग और आयुर्वेद से आगे बढ़कर कई क्षेत्रों में कदम रखा है.
FMCG सेक्टर
हेल्थकेयर
शिक्षा
वस्त्र कारोबार
निजी सुरक्षा सेवाएं
अब सिविल सर्विसेज कोचिंग इसका नया विस्तार बन गया है.
11. क्या बदल सकता है कोचिंग इंडस्ट्री का समीकरण?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पतंजलि अपने वादों के अनुसार अनुभवी फैकल्टी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराती है तो यह पारंपरिक कोचिंग मॉडल को चुनौती दे सकती है. वहीं आलोचकों का कहना है कि किसी भी संस्थान की असली परीक्षा उसके रिजल्ट और चयन दर से होगी.
12. छात्रों के लिए अवसर या नया प्रयोग?
फिलहाल यह पहल छात्रों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है. एक तरफ अवध ओझा का नाम और रामदेव की ब्रांड वैल्यू है, तो दूसरी तरफ UPSC जैसे कठिन क्षेत्र में सफलता की चुनौती भी है. आने वाले वर्षों में यह साफ होगा कि पतंजलि की यह नई एकेडमी सिर्फ एक घोषणा साबित होती है या फिर सिविल सर्विसेज कोचिंग की दुनिया में नया अध्याय लिखती है.




