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नैनीताल में पेट्रोल-डीजल संकट! 200 रुपये से ज्यादा का नहीं मिल रहा पेट्रोल; टैक्सी चालक बोले-15 दिनों से हालात बदतर

नैनीताल में पेट्रोल-डीजल की कमी के कारण पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में ईंधन दिया जा रहा है. इसका असर स्थानीय लोगों, टैक्सी चालकों और पर्यटन कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है.

नैनीताल में पेट्रोल-डीजल संकट! 200 रुपये से ज्यादा का नहीं मिल रहा पेट्रोल; टैक्सी चालक बोले-15 दिनों से हालात बदतर
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 18 May 2026 2:28 PM

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की भारी कमी देखी जा रही है. इस संकट का असर उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल में भी साफ दिख रहा है. यहां के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की सप्लाई सीमित कर दी गई है, जिससे न सिर्फ स्थानीय लोग, बल्कि बड़ी संख्या में आए पर्यटक भी परेशान हो रहे हैं. इन दिनों नैनीताल में पर्यटकों की भारी भीड़ है. गर्मियों की छुट्टियों में लोग घूमने के लिए यहां पहुंच रहे हैं. पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और पेट्रोल-डीजल की खपत भी तेजी से बढ़ रही है. नतीजतन, पेट्रोल पंपों पर तेल का स्टॉक बहुत जल्दी खत्म हो रहा है. इस समस्या से निपटने के लिए सूखाताल स्थित मुख्य पेट्रोल पंप पर ईंधन की मात्रा सीमित कर दी गई है.

कितना तेल मिल रहा है?

स्थानीय लोगों और टैक्सी चालकों के अनुसार, सूखाताल पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहनों को सिर्फ 200 रुपये तक का पेट्रोल दिया जा रहा है. वहीं कारों और चारपहिया वाहनों को 500 रुपये से ज्यादा का तेल नहीं मिल पा रहा है. इससे लोगों को काफी दिक्कत हो रही है. पंप कर्मचारियों का कहना है कि हाल ही में पंप पर कुछ निर्माण कार्य कराए गए थे. इसके बाद एक टैंक में तकनीकी खराबी आ गई है. इसी वजह से ईंधन की सप्लाई सीमित रखनी पड़ रही है.

रोजाना कितना ईंधन पहुंच रहा है?

सूखाताल पेट्रोल पंप नैनीताल का प्रमुख पंप है. यहां रोजाना लगभग 12 हजार लीटर ईंधन की सप्लाई हो रही है. वहीं तल्लीताल के दूसरे पेट्रोल पंप पर करीब 10 हजार लीटर तेल प्रतिदिन पहुंचाया जा रहा है. पंप मैनेजर पंकज रौतेला बताते हैं कि वे रोजाना लगभग 6000 लीटर पेट्रोल और 6000 लीटर डीजल डिस्ट्रिब्यूटेड कर रहे हैं.

टैक्सी चालकों की मुश्किलें

यह समय नैनीताल के लिए पर्यटन का पीक सीजन है. टैक्सी चालक दिन-रात बुकिंग लेकर पर्यटकों को घुमाते हैं. लेकिन ईंधन की कमी ने उनकी कमाई पर असर डाला है. टैक्सी चालक आशीष कहते हैं कि पिछले 15-20 दिनों से उन्हें पेट्रोल भरने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. 500 रुपये से ज्यादा तेल नहीं मिलने के कारण लंबी दूरी की बुकिंग लेने में दिक्कत हो रही है. दूसरे टैक्सी चालक फरमान बताते हैं, 'दोपहिया को 200 और चारपहिया को 500 रुपये तक ही तेल मिल रहा है. इस सीजन में हमें ज्यादा से ज्यादा बुकिंग करनी चाहिए, लेकिन ईंधन की कमी से आर्थिक नुकसान हो रहा है.'

स्थानीय लोगों की शिकायत

स्थानीय टैक्सी चालक, व्यापारी और आम नागरिक इस व्यवस्था से नाराज हैं. वे कहते हैं कि पर्यटक तो आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन उनका रोजमर्रा का काम प्रभावित हो रहा है. सुबह पंप खुलते ही दो-तीन घंटे में स्टॉक खत्म हो जाता है, जिसके बाद कई घंटों तक पेट्रोल नहीं मिल पाता. नैनीताल इन दिनों दो वजहों से चर्चा में है एक तो खूबसूरत पर्यटन स्थल होने के कारण, और दूसरा पेट्रोल-डीजल की इस सीमित सप्लाई के कारण. बाहरी राज्यों से अपने वाहनों में आने वाले पर्यटक भी यहां ज्यादा ईंधन खर्च कर रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर दबाव बढ़ गया है. स्थानीय प्रशासन और पेट्रोल कंपनियों से लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा, ताकि पर्यटन कारोबार भी प्रभावित न हो और आम लोगों को भी सुविधा मिल सके। फिलहाल, नैनीताल में वाहन चालकों को सीमित मात्रा में ही ईंधन उपलब्ध हो पा रहा है.

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