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तलवार, तनाव और बातचीत… नगरासू गुरुद्वारे में आखिर कैसे थमा तीन दिन का गतिरोध? 10 Points में जानिए

उत्तराखंड के नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में तीन दिन से चल रहा तनाव बातचीत के बाद खत्म हो गया है. पंजाब से आए निहंग जत्थे से बातचीत सफल रही और गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर मौजूद सभी निहंग नीचे उतर आए.

Nagarasu Gurudwara Dispute Ends After Three Days: Nihangs Leave Rooftop Following Successful Talks in Uttarakhand
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नगरासू गुरुद्वारे से सभी निहंग सिख नीचे उतरे

( Image Source:  ANI )

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित दमदमा साहिब गुरुद्वारे में चल रहा विवाद आखिरकार शांत हो गया. तीन दिनों से गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर डटे निहंगों ने बातचीत के बाद नीचे उतरने का फैसला किया. पंजाब से पहुंचे निहंग जत्थे और प्रशासन के बीच हुई वार्ता को इस पूरे मामले में अहम मोड़ माना जा रहा है.

बताया जा रहा है कि शुरुआत में कुछ निहंगों ने नीचे आना शुरू किया था, जिसके बाद बाकी लोगों को भी समझाने की कोशिश की गई. सोमवार को प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस और गुरुद्वारा प्रबंधन ने लगातार बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया. अब सभी निहंगों के नीचे आने के बाद इलाके में सामान्य स्थिति लौटने लगी है.


नगरासू गुरुद्वारा विवाद के पीछे क्या था पूरा मामला? 10 बड़ी बातें

1. तीन दिन तक गुरुद्वारे में बना रहा तनाव: नगरासू दमदमा साहिब गुरुद्वारे में निहंग तीसरी और चौथी मंजिल पर चले गए थे. उन्होंने खुद को अंदर से बंद कर लिया था. इससे प्रशासन और गुरुद्वारा प्रबंधन की चिंता बढ़ गई थी.

2. पंजाब से पहुंचा निहंग जत्था: मामले को सुलझाने के लिए पंजाब से निहंगों का एक जत्था नगरासू पहुंचा. उन्होंने ऊपर मौजूद निहंगों से बातचीत की, जिसके बाद सभी को नीचे आने के लिए राजी किया गया.

3. कुछ निहंग पहले ही उतर चुके थे: रविवार रात समझाने के बाद एक निहंग नीचे आया था. सोमवार सुबह दो अन्य निहंग भोजन लेने के लिए नीचे पहुंचे. इसके बाद बाकी निहंगों से भी बातचीत जारी रही.

4. पत्थरबाजी और तलवार लहराने की घटना: स्थिति तनावपूर्ण होने के दौरान पत्थरबाजी की बात भी सामने आई. एक निहंग तलवार लेकर आगे बढ़ा था. हालांकि पुलिस ने स्थिति को संभाल लिया.

5. गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच था विवाद: प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद स्थानीय लोगों से नहीं बल्कि गुरुद्वारा प्रबंधन और निहंगों के बीच था. दोनों पक्षों में सहमति नहीं बनने के बाद मामला बढ़ा. इसके बाद निहंग ऊपर की मंजिलों पर चले गए.

6. कर्णप्रयाग घटना से जोड़ने पर मतभेद: कुछ लोगों का कहना था कि विवाद कर्णप्रयाग में हुई घटना से जुड़ा है. वहीं, पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों का कोई सीधा संबंध नहीं है. प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है.

7. प्रशासन ने संभाला पूरा मोर्चा: जिलाधिकारी विशाल मिश्रा और एसपी निहारिका तोमर मौके पर पहुंचे. पुलिस, आईटीबीपी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही थीं. किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा बढ़ाई गई.

8. श्रद्धालुओं की आवाजाही हुई प्रभावित: गुरुद्वारे में सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं की आवाजाही सीमित रही. लंगर सेवा भी प्रभावित हुई. हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात सामान्य रखा गया.

9. सीएम धामी ने शांति बनाए रखने की अपील की: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखना जरूरी है. उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म या आस्था को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां स्वीकार नहीं की जाएंगी. उन्होंने अफवाहों से बचने की अपील की.

10. अब आगे क्या होगा? प्रशासन अब पूरे घटनाक्रम की समीक्षा करेगा. दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है. सरकार ने चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा सुचारु रखने की बात कही है.


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