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YEIDA की 93वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 8 हजार हेक्टेयर का इंडस्ट्रियल नोड और किसानों के 7% भूखंड पर अपडेट

YEIDA की 93वीं बोर्ड बैठक में 8,000 हेक्टेयर के इंडस्ट्रियल नोड, लॉजिस्टिक्स पार्क और इंटरनेशनल ट्रेड सिटी की योजनाओं की समीक्षा हुई. किसानों के 7% भूखंड, भूमि खरीद की नई दरों, औद्योगिक पार्कों और कचरा प्रबंधन को लेकर भी महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए.

YEIDA की 93वीं बोर्ड बैठक में बड़े फैसले, 8 हजार हेक्टेयर का इंडस्ट्रियल नोड और किसानों के 7% भूखंड पर अपडेट
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मोहम्मद रज़ा
मोहम्मद रज़ा9 Mins Read

Published on: 28 Sept 2026 10:02 PM

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 93वीं बोर्ड बैठक में सोमवार को क्षेत्र के औद्योगिक विकास से लेकर किसानों, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, लॉजिस्टिक्स, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए. बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति की भी समीक्षा की गई.

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास करीब 8,000 हेक्टेयर में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड की प्रगति, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क और अलग-अलग औद्योगिक पार्कों में निवेश की स्थिति पर चर्चा हुई. वहीं, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत भूखंड देने की प्रक्रिया तेज करने और लंबित बैनामों को नई दरों के आधार पर आगे बढ़ाने का फैसला भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में रहा. आइए जानते हैं 93वीं बोर्ड बैठक में किन-किन फैसलों पर मुहर लगी.

1. YEIDA की वित्तीय स्थिति में कितना बदलाव आया?

प्राधिकरण के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14 सितंबर 2026 तक कुल प्राप्तियां 1,495.43 करोड़ रुपये थीं. वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसी अवधि तक यह आंकड़ा बढ़कर 4,222.37 करोड़ रुपये हो गया. प्राधिकरण के मुताबिक यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 182.35 प्रतिशत अधिक है. औद्योगिक और मिक्स्ड लैंड योजना से 2,420.7 करोड़ रुपये की राजस्व प्राप्ति हुई, जो पूरे साल के निर्धारित बजट प्रावधान का 174.47 प्रतिशत है. हालांकि, इसी अवधि में खर्च भी बढ़ा. 14 सितंबर 2025 तक कुल व्यय 2,333.72 करोड़ रुपये था, जो 14 सितंबर 2026 तक बढ़कर 5,501.71 करोड़ रुपये हो गया. भूमि अधिग्रहण और विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण की अदायगी पर 4,344.34 करोड़ रुपये खर्च किए गए.

2. नागरिक सुविधाओं के रखरखाव के लिए Corpus Fund क्यों बनाया गया?

YEIDA क्षेत्र में विकसित नागरिक सुविधाओं के लंबे समय तक रखरखाव के लिए 'YEIDA Corpus Fund Investment Regulation 2026-27' तैयार की गई है. इसके तहत One Time Lease Rent और अन्य पात्र गैर-आवर्ती आय को अलग Corpus Fund में रखा जाएगा. इस राशि का सुरक्षित निवेश किया जाएगा और उससे मिलने वाले ब्याज तथा अनुमन्य राशि का इस्तेमाल सड़कों, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, पार्क और ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाओं के रखरखाव और मरम्मत में किया जाएगा.

3. नोएडा एयरपोर्ट के पास 8 हजार हेक्टेयर में क्या बनेगा?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के दक्षिणी क्षेत्र में करीब 8,000 हेक्टेयर में Industrial Node विकसित करने की दिशा में काम चल रहा है. बोर्ड बैठक में इसकी प्रगति की समीक्षा की गई. इसके लिए महायोजना तैयार करने वाले कंसल्टेंट के चयन की प्रक्रिया चल रही है. प्रस्तावित इंडस्ट्रियल नोड से एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने की योजना है.

4. YEIDA क्षेत्र में International Trade City क्यों विकसित की जाएगी?

यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में चीन के Yiwu International Trade City की तर्ज पर International Trade City विकसित करने की योजना पर भी काम जारी है. प्रस्तावित ट्रेड सिटी में औद्योगिक उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और निर्यात के लिए बाजार उपलब्ध कराने की परिकल्पना की गई है. इसके जरिए स्थानीय उद्योगों को नए बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है.

5. मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क को लेकर क्या फैसला हुआ?

मास्टर प्लान-2041 के तहत YEIDA क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने का फैसला किया गया है. उत्तर प्रदेश Multi-Modal Logistics Park Policy-2024 के अनुरूप मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा. पात्र निवेशकों को E-auction के जरिए भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को बोर्ड ने मंजूरी दी है. इससे आधुनिक सप्लाई चेन इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देने की योजना है.

6. औद्योगिक भूखंडों पर निवेश की स्थिति क्या है?

4,000 वर्गमीटर से अधिक आकार वाले 295 औद्योगिक भूखंडों में से 181 की लीज डीड निष्पादित हो चुकी है. इनमें से 152 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है और 69 भूखंडों पर निर्माण कार्य शुरू हो चुका है. प्राधिकरण के अनुसार इनमें 13 इकाइयों में उत्पादन भी शुरू हो गया है. औद्योगिक भूखंडों के आवंटन से उत्पादन शुरू होने तक की प्रक्रिया को तेज करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था भी लागू की गई है.

7. मेडिकल डिवाइस पार्क में कितने भूखंड आवंटित हुए?

सेक्टर-28 के मेडिकल डिवाइस पार्क में कुल 203 भूखंडों के मुकाबले 123 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं. इनमें 75 आवंटियों को कब्जा मिल चुका है और 28 भूखंडों पर निर्माण शुरू हो गया है. पार्क में 3D Prototype Lab, Electronics Assembly Facility, IoMT, Biomaterial, Common IT Facility और Tooling Room जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं.

8. दूसरे औद्योगिक पार्कों की क्या स्थिति है?

YEIDA के अलग-अलग औद्योगिक पार्कों में भी भूखंड आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ी है.

  • अपैरल पार्क: 159 भूखंड आवंटित
  • MSME पार्क: 503 भूखंड आवंटित
  • हैंडीक्राफ्ट पार्क: 188 भूखंड आवंटित
  • टॉय पार्क, सेक्टर-33: 148 भूखंड आवंटित
  • अपैरल पार्क में 110 और हैंडीक्राफ्ट पार्क में 83 आवंटियों को कब्जा दिया जा चुका है.

9. कचरा प्रबंधन को लेकर क्या नया सिस्टम आएगा?

YEIDA क्षेत्र में Integrated Solid Waste Management और Sanitation व्यवस्था को मजबूत करने के लिए Detailed Project Report तैयार कराई गई है. इसके साथ 'YEIDA Waste Management (Regulation & Control) Bye-Laws, 2026' का ड्राफ्ट तैयार किया गया है. इसे Draft Gazette Notification के रूप में अधिसूचित करने की प्रक्रिया प्रस्तावित है. नई व्यवस्था के जरिए कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जाएगा.

10. किसानों के 7 प्रतिशत भूखंड को लेकर क्या फैसला हुआ?

भूमि अधिग्रहण से प्रभावित पात्र किसानों को 7 प्रतिशत भूखंड उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने का फैसला किया गया है. YEIDA के अनुसार अब तक 10,069 किसानों के आरक्षण पत्र जारी किए जा चुके हैं, जबकि अलग-अलग सेक्टरों में 4,978 भूखंडों का नियोजन किया जा चुका है.

11. किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर के तहत कितनी राशि मिली?

प्राधिकरण के मुताबिक किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर के तहत अब तक करीब 3.142 करोड़ रुपये की अतिरिक्त प्रतिकर राशि वितरित की जा चुकी है. भूमि खरीद से जुड़े मामलों को भी तेजी से आगे बढ़ाने पर बोर्ड बैठक में जोर दिया गया.

12. जमीन खरीद की नई दरों का क्या असर होगा?

YEIDA की 92वीं बोर्ड बैठक में मास्टर प्लान फेज-1 के तहत गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर में आपसी सहमति से भूमि खरीद के लिए नई दरों को मंजूरी दी गई थी. इसके तहत 4,558 रुपये प्रति वर्गमीटर और एक्सप्रेसवे सहित 4,037 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से भूमि खरीद की जा रही है. साथ ही 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का प्रावधान है. जिन किसानों ने पहले निर्धारित दरों पर जमीन देने की सहमति दी थी, लेकिन 20 अगस्त 2026 तक बैनामा नहीं करा सके, उनके मामलों में संशोधित नई दरों के अनुसार बैनामा कराने का निर्णय लिया गया है.

13. आगरा अर्बन सेंटर को लेकर क्या अपडेट है?

आगरा अर्बन सेंटर की महायोजना-2041 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है. संशोधित महायोजना रिपोर्ट पहले बोर्ड बैठक में रखी गई थी, जिसके बाद आम लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए. समिति ने प्राप्त आपत्तियों और सुझावों की समीक्षा कर उनके निस्तारण की संस्तुति की है. इसके आधार पर संशोधित ड्राफ्ट महायोजना-2041 तैयार की जा रही है.

14. औद्योगिक परियोजनाओं की निगरानी कैसे होगी?

औद्योगिक भूखंडों के आवंटन से लेकर उत्पादन शुरू होने तक की प्रक्रिया में देरी कम करने के लिए साप्ताहिक समीक्षा व्यवस्था लागू की गई है. इसके तहत लीज डीड, कब्जा, मानचित्र स्वीकृति, निर्माण और पूर्णता प्रमाण-पत्र से जुड़े लंबित मामलों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध निस्तारण कराया जाएगा.

15. 93वीं बोर्ड बैठक का फोकस क्या रहा?

कुल मिलाकर YEIDA की 93वीं बोर्ड बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास औद्योगिक विस्तार, करीब 8,000 हेक्टेयर के इंडस्ट्रियल नोड, इंटरनेशनल ट्रेड सिटी, लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग, औद्योगिक पार्कों में निवेश और उत्पादन, कचरा प्रबंधन तथा किसानों के 7 प्रतिशत भूखंड जैसे मुद्दे प्रमुख रहे. इसके साथ प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति और विकसित क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के लंबे समय तक रखरखाव के लिए Corpus Fund की व्यवस्था पर भी फैसले लिए गए.

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