अब यमुना सिटी को कहिए गरीब और मजदूरों का साम्राज्य! 10 नए सेक्टर बसाने की तैयारी Full, Points में जानिए डिटेल
यमुना सिटी में 10 नए सेक्टर विकसित होंगे. गरीबों, मजदूरों और EWS परिवारों के लिए सस्ते फ्लैट बनेंगे. जानिए YEIDA के विस्तार प्लान की पूरी डिटेल.
उत्तर प्रदेश का यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र आने वाले वर्षों में देश के सबसे बड़े औद्योगिक और आधुनिक शहरी केंद्रों में शामिल हो सकता है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, तेजी से बढ़ते उद्योगों और विदेशी निवेश के बीच अब यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) शहर के बड़े विस्तार की तैयारी में जुट गया है. इसके तहत 10 नए सेक्टर विकसित किए जाएंगे, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और श्रमिक परिवारों के लिए किफायती आवास योजनाएं भी शुरू की जाएंगी.
- 10 नए सेक्टरों की तैयारी
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास तेजी से बढ़ रही औद्योगिक और आवासीय मांग को देखते हुए नए सेक्टर विकसित करने की योजना बनाई गई है. इन सेक्टरों में जापानी इंडस्ट्रियल टाउनशिप, सिंगापुर सिटी जैसी अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं को भी जगह दी जा सकती है. इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. बताया जा रहा है कि इसके लिए राज्य सरकार ने करीब 2800 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दे दी है.
- 52 सेक्टर पहले से विकसित
यमुना सिटी में अभी तक 52 सेक्टर विकसित किए जा चुके हैं. मास्टर प्लान-2041 के तहत गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर के लगभग 75 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है. इनमें से बड़ी मात्रा में भूमि पर विकास कार्य पूरे हो चुके हैं. अब बढ़ती आबादी, उद्योगों और निवेश को ध्यान में रखते हुए YEIDA ने 46 नए सेक्टरों के लिए जलापूर्ति, सीवर और ड्रेनेज सिस्टम का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
- इंफ्रास्ट्रक्चर पर रहेगा विशेष फोकस
प्राधिकरण का मानना है कि यदि शुरुआती चरण में ही मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर लिया जाए तो भविष्य में पानी, सीवर और जल निकासी जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. इसी कारण नए सेक्टरों के विकास के साथ आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है.
- गरीबों और श्रमिकों को मिलेगा अपना घर
शहर के विस्तार के साथ-साथ कम आय वर्ग और श्रमिक परिवारों के लिए किफायती आवास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. ग्रेटर नोएडा के बिरौंडा गांव के पास करीब 18 हजार वर्गमीटर भूमि चिन्हित की गई है, जहां EWS श्रेणी के लोगों के लिए 12 मंजिला फ्लैट बनाए जाएंगे. प्रत्येक फ्लैट का आकार लगभग 30 वर्गमीटर होगा. इन आवासीय परियोजनाओं में लिफ्ट, दैनिक जरूरतों की दुकानें और अन्य बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इसी तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के पतवाड़ी गांव में भी सस्ते आवासों की एक और परियोजना प्रस्तावित है.
- रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, औद्योगिक परियोजनाओं और नए सेक्टरों के विकास से पूरे क्षेत्र में रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ेंगे. विदेशी निवेश आने से यमुना सिटी की पहचान एक आधुनिक, योजनाबद्ध और वैश्विक स्तर के शहर के रूप में और मजबूत होगी.
- बदल सकती है पूरे क्षेत्र की तस्वीर
यमुना प्राधिकरण फिलहाल औद्योगिक विकास, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और किफायती आवास जैसी तीन बड़ी प्राथमिकताओं पर एक साथ काम कर रहा है. यदि योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र उत्तर भारत के सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरी क्षेत्रों में शामिल हो सकते हैं.




