‘सुन लो आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट! न पहले डरी हूं, न अब डरूंगी’, जेल से रिहा होते ही CM योगी पर भड़कने वाली हुदा जरीवाला कौन?
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित टिप्पणी के मामले में जेल गईं हुदा जरीवाला रिहा हो गई हैं. जेल से बाहर आते ही उन्होंने कहा कि वह न पहले डरी थीं और न अब डरेंगी. मंदिर हो या मस्जिद, किसी भी धार्मिक स्थल को तोड़े जाने के खिलाफ आवाज उठाएंगी.
यूपी के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कथित अभद्र और भड़काऊ टिप्पणी के मामले में जेल गईं सामाजिक कार्यकर्ता हुदा जरीवाला रिहा होने के बाद एक बार फिर खुलकर सामने आई हैं. जेल से बाहर आने के बाद हुदा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह न पहले उनसे डरी थीं और न अब डरेंगी.
हुदा जरीवाला ने कहा, “सुन लो आदित्यनाथ, सुन लो अजय बिष्ट... योगी तुझे तो मैं अभी भी नहीं कहूंगी... हुदा जरीवाला न तुझसे पहले डरी है, न अब ही डरेगी.” उनके इस बयान के बाद सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण और उनकी गिरफ्तारी को लेकर शुरू हुआ विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है.
मस्जिद ध्वस्तीकरण के बाद हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, सहारनपुर के कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को हटाए जाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद हुदा जरीवाला ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर कथित तौर पर अभद्र और भड़काऊ टिप्पणी की थी। इसके बाद पुलिस ने उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
पुलिस ने यह कार्रवाई अधिवक्ता दुष्यंत सिंह की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि दिल्ली निवासी हुदा जरीवाला ने कलेक्ट्रेट परिसर की मस्जिद हटाए जाने की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री के खिलाफ अशोभनीय और भड़काऊ टिप्पणी की. शिकायत में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने का भी जिक्र किया गया था.
सपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर पुलिस से हुई थी बहस
मस्जिद ध्वस्त होने के बाद 7 सितंबर को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल सर्किट हाउस पहुंचा था. इसी दौरान प्रतिनिधिमंडल के साथ जाने को लेकर हुदा जरीवाला की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें मौके से हटाने की कोशिश की, जिसके बाद कथित तौर पर विवाद बढ़ गया और वहां हंगामे जैसी स्थिति बन गई. पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया. बाद में मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी से जुड़ी शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया और शांतिभंग की कार्रवाई के तहत उन्हें जेल भेज दिया गया.
जेल से बाहर आते ही हुदा ने क्या कहा?
जेल से रिहा होने के बाद हुदा जरीवाला ने अपने ऊपर हुई कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री और डीएम को “क्रिमिनल” कहा था और अपने इस बयान पर कायम हैं. हुदा ने कहा, “बिल्कुल मैंने आदित्यनाथ और डीएम को क्रिमिनल कहा. मस्जिद शहीद करना क्रिमिनल एक्टिविटी है तो वे क्रिमिनल हैं। मुझे अवैध तरीके से 151 में जेल में डालना क्रिमिनल एक्टिविटी है तो यह क्रिमिनल है.”
हुदा ने आगे कहा कि उन्हें लगा कि शायद दो दिन जेल में रखने के बाद वह डर जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. हुदा के मुताबिक, उन्हें परेशान जरूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें कथित तौर पर अवैध तरीके से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया.
हुदा ने मुख्यमंत्री को उनके नाम से संबोधित करते हुए कहा, “सुन लो आदित्यनाथ उर्फ अजय बिष्ट... हुदा जरीवाला न तुमसे पहले डरी है और न अब डरी है.” उन्होंने कहा कि जहां भी किसी मस्जिद या मंदिर को गिराने की कार्रवाई होगी, वह वहां पहुंचेंगी. हुदा ने दावा किया कि वह किसी भी धार्मिक स्थल को तोड़े जाने का विरोध करेंगी और उनका रुख संविधान के पक्ष में है.
‘मंदिर हो या मस्जिद, तोड़ने नहीं दूंगी’
हुदा जरीवाला ने कहा कि उनका विरोध किसी एक धर्म या धार्मिक स्थल तक सीमित नहीं है. उनके अनुसार, अगर किसी मंदिर या मस्जिद को तोड़े जाने का मामला सामने आता है तो वह उसके खिलाफ आवाज उठाएंगी. उन्होंने कहा, “जहां मस्जिद या मंदिर शहीद होगा, हुदा जरीवाला वहां पहुंचेगी. मैं किसी भी धार्मिक स्थल को तोड़ने नहीं दूंगी. हम हिंदुस्तान के संविधान को मानते हैं.”
कौन हैं हुदा जरीवाला?
हुदा जरीवाला पहले आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता रह चुकी हैं. फिलहाल वह खुद को सामाजिक कार्यकर्ता और यूट्यूबर बताती हैं. उन्होंने BBC लंदन में काम करने का भी दावा किया है. अपने एक पुराने इंटरव्यू में हुदा ने बताया था कि उनका जन्म और शुरुआती पढ़ाई सऊदी अरब के रियाद में हुई थी, क्योंकि उनके पिता वहां रहते थे. उन्होंने यह भी कहा था कि उनके परिवार का संबंध भोपाल और कराची से रहा है.
हुदा का दावा है कि वह सऊदी अरब के संस्कृति और सूचना मंत्रालय की रिसर्च टीम का भी हिस्सा रह चुकी हैं. फिलहाल सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण, उनकी गिरफ्तारी और जेल से रिहा होने के बाद दिए गए उनके नए बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज है.




