MLC Election Result: मोदी के गढ़ में BJP को लगा बड़ा झटका, सपा के 'लाल' ने फिर लहराया जीत का परचम, प्रमोद मिश्रा चुनाव हारे
वाराणसी खंड शिक्षक एमएलसी सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर बीजेपी को बड़ा झटका दिया. लाल बिहारी यादव को 11,612 वोट मिले, जबकि बीजेपी के डॉ. प्रमोद मिश्रा 6,597 वोट पाकर 5,015 वोटों से पीछे रहे
Varanasi MLC Election Result 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में विधान परिषद की वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर समाजवादी पार्टी ने अपना दबदबा कायम रखा है. सपा के लाल बिहारी यादव ने लगातार दूसरी बार शिक्षक MLC का चुनाव जीत लिया है. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार डॉ. प्रमोद मिश्रा को 5,015 वोटों के अंतर से शिकस्त दी.
लाल बिहारी यादव को कुल 11,612 वोट मिले, जबकि BJP के डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,597 वोट हासिल हुए. इस जीत के बाद सपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला. समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की, ढोल-नगाड़े बजाए और मिठाई बांटकर जीत का जश्न मनाया. देर रात तक कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच एक-दूसरे को बधाई देने का सिलसिला चलता रहा.
BJP में शामिल होने के बाद भी नहीं बचा सके पुराना वोट बैंक
इस चुनाव में डॉ. प्रमोद मिश्रा के प्रदर्शन की तुलना उनके 2020 के चुनाव से भी की जा रही है. 2020 में उन्होंने शिक्षक नेता के तौर पर चुनाव लड़ा था और उन्हें 6,830 वोट मिले थे. चुनाव से ठीक पहले प्रमोद मिश्रा BJP में शामिल हुए. पार्टी के साथ आने के बाद माना जा रहा था कि उन्हें संगठन और BJP समर्थक वोटों का फायदा मिलेगा और मुकाबला उनके पक्ष में जा सकता है.
लेकिन नतीजों ने अलग ही तस्वीर पेश की. इस बार प्रथम वरीयता के मतों में डॉ. प्रमोद मिश्रा को 6,060 वोट ही मिले. यानी 2020 में मिले वोटों के मुकाबले भी वह पीछे रह गए. हालांकि अंतिम परिणाम में उन्हें कुल 6,597 वोट मिले.
लाल बिहारी यादव के सामने BJP नहीं बना सकी बढ़त
लाल बिहारी यादव ने 11,612 वोट हासिल कर अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी से स्पष्ट बढ़त बनाई. शिक्षक MLC चुनाव में सपा ने शुरुआत से ही संगठन और रणनीति के स्तर पर तैयारी की थी. नतीजों से संकेत मिला कि पार्टी अपने पारंपरिक समर्थन के साथ इस चुनाव में बेहतर तालमेल बनाने में सफल रही.
जीत के बाद क्या बोले लाल बिहारी यादव?
एमएलसी चुनाव में जीत के बाद सपा के लाल बिहारी यादव ने शिक्षकों का आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वे शिक्षकों के साथ हमेशा खड़े रहेंगे.
बीजेपी को लगा बड़ा झटका
वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. ऐसे में यहां BJP उम्मीदवार की हार को पार्टी के लिए राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि शिक्षक MLC चुनाव का सामाजिक और राजनीतिक समीकरण सामान्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव से अलग होता है और इसके मतदाता मुख्य रूप से शिक्षक वर्ग से जुड़े होते हैं.
लगातार दूसरी जीत से सपा का दावा मजबूत
लाल बिहारी यादव की लगातार दूसरी जीत ने वाराणसी खंड शिक्षक सीट पर सपा की स्थिति को मजबूत किया है. दूसरी तरफ BJP के सामने यह सवाल जरूर खड़ा हुआ है कि पार्टी में शामिल होने के बाद भी प्रमोद मिश्रा अपने 2020 के समर्थन को क्यों नहीं बढ़ा सके.
फिलहाल इस चुनाव का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यही है कि वाराणसी में BJP के मजबूत राजनीतिक प्रभाव के बावजूद शिक्षक MLC सीट पर सपा ने अपना कब्जा बरकरार रखा है. लाल बिहारी यादव की जीत ने सपा कार्यकर्ताओं के उत्साह को बढ़ाया है, जबकि BJP के लिए यह परिणाम शिक्षक वर्ग के बीच अपनी पकड़ को लेकर समीक्षा का संकेत दे सकता है.




