सर, गंदी गंदी वीडियो दिखाते हैं! यूपी में छात्राओं से अश्लीलता करने वाले शिक्षक पर केस दर्ज, आरोपी फरार
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक सरकारी स्कूल शिक्षक पर छात्राओं से छेड़छाड़ और अश्लील व्यवहार का गंभीर आरोप लगा है. POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी की तलाश जारी है.
उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो दिल दहला देने वाली होती हैं. आज हम बात कर रहे हैं लखीमपुर खीरी जिले के पलिया ब्लॉक की एक ऐसी घटना की, जहां एक सरकारी स्कूल के शिक्षक पर अपनी छात्राओं के साथ गंभीर छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार के आरोप लगे हैं. यह मामला न सिर्फ परिवारों में हड़कंप मचा रहा है, बल्कि पूरे समाज को सोचने पर मजबूर कर रहा है कि हमारे स्कूलों में बच्चे कितने सुरक्षित हैं.
यह पूरा मामला पलिया ब्लॉक के एक कंपोजिट स्कूल जो कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई करने वाले छात्रों से जुड़ा है. यहां कक्षा 6, 7 और 8 की कई लड़कियों ने आरोप लगाया है कि उनके सहायक अध्यापक सुनील कुमार सिंह जो मूल रूप से गाजियाबाद का रहने वाला बताया जा रहा है. छात्राओं साथ गलत हरकतें करता था. छात्राओं के मुताबिक, शिक्षक होमवर्क या कॉपी चेक करने के बहाने उन्हें पास बुलाता था. इसके बाद वह उन्हें अश्लील तस्वीरें या वीडियो दिखाता था, गंदी-गंदी बातें करता था, शायरी सुनाता था और अनुचित तरीके से छूता था. अगर कोई लड़की विरोध करती या रोती थी, तो वह उसे मारपीट भी करता था. ये सब बातें इतनी डरावनी हैं कि सोचकर ही मन उदास हो जाता है.
रोते हुए बताई आपबीती
इन आरोपों के बाद एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कुछ लड़कियां इंटरव्यू दे रही हैं. इस वीडियो में वे डरते-डरते और रोते हुए अपनी आपबीती सुना रही हैं. वे बताती हैं कि टीचर की वजह से स्कूल जाना उनके लिए डरावना हो गया था. कई बार वे घर पर रोती रहती थीं, लेकिन डर के मारे किसी को नहीं बताती थीं. आखिरकार जब बात बहुत बढ़ गई, तो कुछ लड़कियों ने अपने माता-पिता को सब कुछ बताया. अभिभावकों ने तुरंत चंदनचौकी थाने में शिकायत दर्ज कराई.
शिक्षक के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया 28 फरवरी 2026 को सुनील कुमार सिंह के खिलाफ POCSO एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंसेज एक्ट) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. POCSO कानून बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को रोकने के लिए बनाया गया है, और इसमें सख्त सजा का प्रावधान है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74, 75/1, 115/2 और POCSO की धारा 9C व 10 के तहत केस दर्ज किया. आरोपी शिक्षक फिलहाल फरार बताया जा रहा है, और पुलिस उसकी तलाश कर रही है.
आरोपी हुआ सस्पेंड
जिस स्कूल में यह घटना हुई, वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने भी तुरंत कार्रवाई की. बीएसए प्रवीन कुमार तिवारी ने सुनील कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया. विभाग ने कहा कि अगर आरोप साबित हुए तो और सख्त विभागीय कार्रवाई होगी. जांच चल रही है, और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी. यह घटना कोई पहली बार नहीं हुई है. ग्रामीण इलाकों के सरकारी स्कूलों में अक्सर ऐसी शिकायतें आती रहती हैं. शिक्षकों की कमी, ट्रेनिंग का अभाव, और निगरानी की कमी जैसी समस्याएं ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती हैं. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल 50,000 से ज्यादा बच्चों के साथ यौन शोषण के मामले दर्ज होते हैं. इनमें से बहुत से मामले स्कूलों या आसपास के माहौल से जुड़े होते हैं. उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में यह संख्या और भी चिंताजनक है.




