Shiva Sharma Death Case: कभी बुर्के में तो कभी होटल में…12 दिन तक कहां-कहां भागती रही लखनऊ की श्रद्धा दुबे? पढ़ें पूरी टाइमलाइन
शिवा शर्मा मौत मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और ड्राइवर नागपुर से गिरफ्तार हुए. जानिए 12 दिन की फरारी, आगरा के होटल और बुर्के में सफर की पूरी टाइमलाइन.
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद उसकी 12 दिन की फरारी चर्चा में है. यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को नागपुर से गिरफ्तार किया. तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान श्रद्धा ने बार-बार ठिकाने और गाड़ियां बदलीं, बुर्के में सफर किया और अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश की.
इस मामले में एक तरफ पुलिस श्रद्धा की फरारी के पूरे नेटवर्क और शिवा शर्मा की मौत से जुड़े सवालों की जांच कर रही है, तो दूसरी तरफ पीड़ित की मां रंजना शर्मा अपने बेटे के लिए इंसाफ की मांग कर रही हैं. गिरफ्तारी के बाद अब सबसे अहम सवाल है कि श्रद्धा इन 12 दिनों में कहां-कहां गई, पुलिस को चकमा कैसे देती रही और नागपुर तक पहुंचने की पूरी कहानी क्या है?
1. 9 अक्टूबर: शिवा शर्मा की मौत के मामले में दर्ज हुई FIR
इस पूरे मामले की शुरुआत लखनऊ में कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से हुई. शिवा की मां रंजना शर्मा की लिखित शिकायत पर हजरतगंज थाने में 9 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत हत्या का मामला दर्ज किया गया.
रंजना शर्मा ने पुलिस को बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद वह अपने बेटे को देखने अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां उन्हें काफी उलझन का सामना करना पड़ा. उनके मुताबिक, श्रद्धा की बहन ने फोन पर बताया था कि शिवा बालकनी से गिर गया है और उसे राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया जा रहा है. जब वह अस्पताल पहुंचीं तो उन्हें वहां शिवा के भर्ती होने का रिकॉर्ड नहीं मिला.
इसके बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में जाने की जानकारी दी गई. रंजना के मुताबिक, वहां उन्हें एंबुलेंस और ड्राइवर दानिश मिला, लेकिन पूछने पर उसने कहा कि वह केवल नौकर है और उसे कुछ नहीं पता. रंजना का आरोप है कि इसके बाद दानिश वहां से चला गया. शिवा की मां ने शुरुआत से ही अपने बेटे की मौत को लेकर संदेह जताया और पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की.
2. 10 से 12 अक्टूबर: जांच तेज, श्रद्धा पर बढ़ा शक
मामले में हत्या की FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने घटनाक्रम और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच शुरू की. श्रद्धा दुबे का नाम सामने आने के बाद उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाने लगी. दूसरी तरफ, श्रद्धा ने पहले अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था. उसका कहना था कि शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या से हुई और उसके अपार्टमेंट की CCTV फुटेज उसकी बेगुनाही साबित कर सकती है.
श्रद्धा ने यह भी दावा किया था कि वह शिवा को केवल चार महीने से जानती थी और दोनों के बीच करीब ढाई महीने तक दोस्ती रही. उसके मुताबिक, शिवा पिछले दो महीनों में ही उसके घर आने लगा था. उसने शिवा की मां के आरोपों को भी गलत बताया था. हालांकि, ये श्रद्धा के अपने दावे थे. मामले में उसकी भूमिका और शिवा की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया से होना है.
3. 13 से 15 अक्टूबर: पुलिस की तलाश और इनाम की घोषणा
जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें लगाईं. शुरुआत में आरोपियों के बारे में सूचना देने वाले के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई, जिसे बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया. पुलिस ने आरोपियों का पता लगाने के लिए सर्विलांस टीम, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और स्थानीय पुलिस की मदद ली. अलग-अलग स्थानों पर तलाश की गई. इस दौरान श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश की तलाश जारी रही. तीनों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था.
4. 16 अक्टूबर: फरारी के बीच मीडिया के सामने आई श्रद्धा
श्रद्धा दुबे की तलाश के बीच उसका मीडिया को दिया गया एक कथित बयान भी चर्चा में आया. इसमें उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा था कि शिवा शर्मा की मौत आत्महत्या से हुई और CCTV फुटेज उसकी बात साबित कर सकती है. इस घटनाक्रम ने मामले को और चर्चा में ला दिया, क्योंकि एक तरफ पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसका बयान सामने आने से उसकी लोकेशन और फरारी को लेकर सवाल उठने लगे. पुलिस की जांच में अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि श्रद्धा ने मीडिया तक पहुंचने के लिए किन लोगों की मदद ली और उस दौरान वह कहां मौजूद थी.
5. 17 अक्टूबर: आगरा के होटल में पहुंचने की जानकारी
श्रद्धा की फरारी के दौरान आगरा के ताजनगरी फेज-1 स्थित ओम पैलेस होटल से जुड़ी जानकारी भी सामने आई. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर की सुबह एक गाड़ी होटल पहुंची और कुछ देर बाद श्रद्धा के होटल में दाखिल होने की बात कही गई. बताया गया कि होटल के CCTV फुटेज में उसके साथ एक युवक और युवती भी दिखाई दिए. होटल के रजिस्टर में युवक का नाम देवराज यादव दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई थी.
दावा किया गया कि श्रद्धा होटल में करीब 24 घंटे रुकी थी. हालांकि, वह वहां किस उद्देश्य से पहुंची थी और उसके साथ मौजूद लोगों की क्या भूमिका थी, इस बारे में आधिकारिक जांच के निष्कर्ष सामने आना जरूरी है. पुलिस की टीमें जब होटल पहुंचीं, तब तक श्रद्धा और उसके साथ मौजूद लोग वहां से निकल चुके थे. इस घटनाक्रम ने जांच में आगरा के संभावित ठिकाने और वहां से आगे की यात्रा को अहम बना दिया.
6. 18 से 19 अक्टूबर: बुर्के में सफर और बार-बार ठिकाना बदलने का दावा
श्रद्धा की गिरफ्तारी के बाद उसकी फरारी के तौर-तरीकों को लेकर पुलिस अधिकारियों की ओर से कई जानकारियां सामने आईं. एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश के मुताबिक, श्रद्धा ने गिरफ्तारी से बचने के लिए बेहद सतर्क तरीके अपनाए. पुलिस के अनुसार, फरारी के दौरान वह बुर्के में सफर करती थी, छोटे होटलों में रुकती थी और मोबाइल सहित संचार के साधनों का सीमित इस्तेमाल करती थी. बताया गया कि वह टैक्सियों से यात्रा करती और रास्ते में गाड़ियां भी बदलती थी.
अमिताभ यश के मुताबिक, कई बार पुलिस किसी संभावित ठिकाने तक पहुंचती, उससे पहले ही श्रद्धा वहां से निकल चुकी होती थी. पुलिस ने उसकी इस रणनीति को फरारी के दौरान लगातार लोकेशन बदलने की कोशिश के तौर पर देखा. श्रद्धा के नेपाल जाने और फिर उत्तर प्रदेश लौटने की बात भी सामने आई. पुलिस के मुताबिक, नेपाल में छिपे होने का भ्रम पैदा करने के बाद उसके वापस लौटने की आशंका थी. हालांकि, यात्रा के हर चरण और तारीख की पुष्टि जांच के आधिकारिक विवरण से ही हो सकेगी.
7. 20 अक्टूबर: नागपुर से श्रद्धा, बहन और ड्राइवर गिरफ्तार
लगातार तलाश के बाद यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को नागपुर से श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को गिरफ्तार कर लिया. तीनों इस मामले में फरार चल रहे थे और प्रत्येक पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. गिरफ्तारी के साथ ही करीब 11 दिन से जारी तलाश का एक बड़ा चरण पूरा हुआ.
पुलिस अब तीनों को लखनऊ लाने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के मुताबिक, आरोपियों को लखनऊ लाने के लिए नागपुर की अदालत से ट्रांजिट रिमांड लेने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इसके बाद उनसे हिरासत में पूछताछ की जाएगी. पूछताछ में पुलिस यह जानने की कोशिश करेगी कि घटना के समय क्या हुआ था, तीनों फरारी के दौरान कहां-कहां गए और उन्हें किसी अन्य व्यक्ति से मदद मिली थी या नहीं.
8. गिरफ्तारी के बाद मां रंजना शर्मा ने क्या कहा?
श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी के बाद शिवा शर्मा की मां रंजना शर्मा की प्रतिक्रिया भी सामने आई. बेटे को खोने के बाद से न्याय की मांग कर रही रंजना ने गिरफ्तारी पर राहत जताई और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एसटीएफ के अधिकारियों का धन्यवाद किया.
उन्होंने विजयदशमी के दिन हुई गिरफ्तारी को अपने बेटे के लिए विजय का दिन बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी दुख जताया कि कार्रवाई पहले तेज होती तो आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सकता था. रंजना शर्मा ने कहा कि वह अपने बेटे के लिए न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी. उन्होंने पुलिस को मामले से संबंधित उपलब्ध सामग्री देने की बात भी कही और आरोपियों के खिलाफ जल्द कानूनी कार्रवाई की मांग की.
9. क्या श्रद्धा के किसी बड़े नेटवर्क से जुड़े होने की भी जांच होगी?
श्रद्धा दुबे को लेकर सोशल मीडिया और कुछ चर्चाओं में मुंबई के कथित ड्रग नेटवर्क, ड्रग डीलर जुल्फिकार उर्फ जुल्फी से संबंधों और तस्करी से जुड़े लोगों की मदद मिलने जैसे दावे भी किए जा रहे हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती. इसलिए इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा. पुलिस की ओर से यदि ऐसे किसी नेटवर्क या व्यक्ति की भूमिका की पुष्टि की जाती है, तभी उसके बारे में ठोस निष्कर्ष निकाला जा सकेगा.
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल शिवा शर्मा की मौत और आरोपियों की फरारी से जुड़े हैं. जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि तीनों ने फरारी के दौरान किन लोगों से संपर्क किया, उन्हें ठहरने और यात्रा करने में किसने मदद दी और क्या इस पूरे घटनाक्रम में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था.
10. अब आगे क्या होगा?
नागपुर से गिरफ्तारी के बाद अब मामले की जांच का अगला अहम चरण पूछताछ और साक्ष्यों का मिलान है. पुलिस आरोपियों को लखनऊ लाकर उनसे घटना के क्रम, फरारी के ठिकानों और संभावित मददगारों के बारे में सवाल कर सकती है. इस दौरान CCTV फुटेज, होटल के रिकॉर्ड, यात्रा से जुड़े तथ्यों, मोबाइल डेटा और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी.
साथ ही, श्रद्धा दुबे का पक्ष और शिवा शर्मा की मां की शिकायत में लगाए गए आरोप भी कानूनी प्रक्रिया के तहत परखे जाएंगे. श्रद्धा की गिरफ्तारी से फरारी का सिलसिला जरूर खत्म हुआ है, लेकिन शिवा शर्मा की मौत के पीछे की पूरी कहानी और जिम्मेदारी तय होना अभी बाकी है. अब नजर इस बात पर है कि पुलिस की पूछताछ और जांच से कौन-कौन से तथ्य सामने आते हैं.




