माथे पर चंदन, धोती पर खून और दुलारी का तीसरा CCTV... 5 करोड़ में विराट कोहली को बुलाया, ऐसा दावा करने वाले दिनेश फलाहारी कौन?
रसिक दुलारी की मौत के तीसरे CCTV से लेकर सामने आया है वहीं दिनेश फलाहारी बाबा ने आरोप लगाया है कि पांच करोड़ देकर विराट कोहली को यहां बुलाया गया था. इसी के साथ आइए जानते हैं ऐसा आरोप लगाने वाले कौन?
वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है. 25 सितंबर को हुई इस मौत के बाद से सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे, सवाल और आरोप वायरल हो रहे हैं. अब घटना से जुड़ा तीसरा CCTV फुटेज सामने आने के बाद एक बार फिर मामले की चर्चा तेज हो गई है. नए फुटेज में रसिक दुलारी सीढ़ियों के रास्ते चौथी मंजिल की छत की तरफ जाते दिखाई दे रहे हैं.
इससे पहले सामने आए फुटेज में उन्हें छत पर बैठे और फिर नीचे गिरते हुए देखा गया था. ऐसे में अब तीनों फुटेज को जोड़कर घटना की टाइमलाइन समझने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, सबसे जरूरी बात यह है कि CCTV में दिखाई देने वाले दृश्यों से घटना की पूरी वजह अभी साबित नहीं होती. पुलिस जांच में जुटी है और अलग-अलग डिजिटल तथा फॉरेंसिक साक्ष्यों को जोड़ा जा रहा है.
पहले समझिए, रसिक दुलारी के साथ हुआ क्या था?
रसिक दुलारी शरण का वास्तविक नाम दीपक लोधी बताया गया है. वह मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे और करीब दो साल पहले वृंदावन आए थे. यहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा ली और अपना नाम रसिक दुलारी शरण रखा. वह प्रेमानंद महाराज के आश्रम के पास स्थित गुरु कृपा कुंज में अन्य साधकों के साथ रह रहे थे.
25 सितंबर को उनकी चार मंजिला इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई. पुलिस ने शुरुआती जांच में इसे खुद छत से कूदने का मामला माना था. मथुरा पुलिस के अधिकारियों के अनुसार CCTV और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया आत्महत्या का एंगल सामने आया था, लेकिन मौत से पहले ऐसा कदम उठाने की वजह की जांच जारी थी.
अब तीसरे CCTV में क्या दिखा?
अब सामने आई करीब 29 सेकंड की तीसरी CCTV फुटेज में रसिक दुलारी सीढ़ियों से ऊपर छत की ओर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. यही फुटेज इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे पहले सामने आए वीडियो में वह सीधे छत पर दिखाई दे रहे थे. यानी अभी तक सामने आई फुटेज को मोटे तौर पर ऐसे समझा जा सकता है- यही वह हिस्सा है जिसे सोशल मीडिया पर कई लोग अपनी-अपनी थ्योरी के साथ जोड़ रहे हैं.
मौत से पहले शरीर पर गंभीर चोटों का क्या मामला है?
मामले को और रहस्यमय बनाने वाली बात पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर सामने आई जानकारी है. रिपोर्टों के मुताबिक शरीर पर कई चोटें मिलीं और अत्यधिक रक्तस्राव को मौत का प्रमुख कारण बताया गया. पुलिस ने यह भी जांच शुरू की कि कमरे में मिले ग्राइंडर और शरीर पर मिली चोटों के बीच क्या संबंध था. इस हिस्से को लेकर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा अटकलें लगाई जा रही हैं. लेकिन यहां भी सावधानी जरूरी है: किसी चोट का होना अपने आप में हत्या का सबूत नहीं है. पुलिस को यह स्थापित करना होगा कि चोटें कब, कैसे और किन परिस्थितियों में लगीं.
विराट कोहली को ₹5 करोड़ देकर आश्रम बुलाने का दावा क्या है?
रसिक दुलारी की मौत के बाद अब विवाद का एक दूसरा सिरा भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के लिए ₹5 करोड़ देकर बुलाया गया था. यह दावा दिनेश शर्मा फलाहारी और महामंडलेश्वर श्री राधा नंद गिरी की ओर से लगाए जाने की बात रिपोर्टों में सामने आई है. इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजे जाने की भी रिपोर्ट है. लेकिन यहां सबसे अहम फैक्ट यह है कि ₹5 करोड़ के भुगतान का स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है. इसलिए इसे फिलहाल आरोप या दावा ही कहा जा सकता है, स्थापित तथ्य नहीं.
कितनी बार प्रेमानंद महराज से मिल चुके है विराट और अनुष्का
विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की प्रेमानंद महाराज से करीब अब 8 बात मिल चुके हैं और वे राधा नाम का जाप भी करते हैं कई बार अनुष्का को तुलसी की माला पहने हुए और राधा नाम जपते हुए नोटिस किया गया है. अब जब पांच करोड़ का दावा सामने आया है तो कई तस्वीरें भी वायरल हो रही है. जिसमें कुछ तस्वीरों में देखा जा सकता है कि विराट और अनुष्का नंगे पैर वहां पहुंचे थे जिसके बाद सोशल में कहा जा रहा है कि जो इंसान 4 हजार का पानी पीता है लाखों के जूते पहनता है वे केवल पांच करोड़ के लिए ऐसा करेगा वो भी पत्नी भी उनकी गई थी तो इस तरह से सोशल में दो गुट के लोग आपस भिड़ गए हैं. हालांकि ये दावों सोशल के हवाले पर हैं इसकी पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता है. यही फर्क फैक्ट-चेक में सबसे महत्वपूर्ण है.
दिनेश फलाहारी कौन?
दिनेश फलाहारी का नाम मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े आंदोलनों और हिंदूवादी गतिविधियों के कारण सामने आता रहा है. उन्हें श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास से जुड़े प्रमुख चेहरों में गिना जाता है. जन्मभूमि परिसर से जुड़े विवाद को लेकर वे लंबे समय से मुखर रहे हैं और इसी वजह से स्थानीय स्तर पर उनकी पहचान एक हिंदूवादी कार्यकर्ता के तौर पर बनी है.
दिनेश फलाहारी की पहचान उनके कथित 'भीष्म संकल्प' से भी जुड़ी है. उनके बारे में बताया जाता है कि उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर से जुड़े अपने संकल्प के तहत नंगे पैर रहने और अन्न का त्याग कर फलाहार करने का फैसला लिया है. इसी वजह से उनके नाम के साथ 'फलाहारी' शब्द जुड़ गया और वे 'फलाहारी महाराज' के नाम से भी जाने जाने लगे.
हाल के दिनों में उनका नाम तब चर्चा में आया, जब उन्होंने प्रेमानंद महाराज और विराट कोहली की मुलाकात को लेकर ₹5 करोड़ दिए जाने का आरोप लगाया. हालांकि, यह दावा फिलहाल आरोप के स्तर पर है और इसके समर्थन में कोई स्वतंत्र या ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. इसलिए इसे तथ्य के बजाय दिनेश फलाहारी द्वारा लगाया गया आरोप ही माना जाना चाहिए.
क्या किसी बिल्डर लॉबी ने प्रेमानंद महाराज को 'प्लांट' किया?
सोशल मीडिया पर इससे भी आगे बढ़कर दावा किया जा रहा है कि किसी बिल्डर या प्रॉपर्टी लॉबी ने प्रेमानंद महाराज की लोकप्रियता बढ़ाने के लिए उन्हें इस्तेमाल किया या 'प्लांट' किया. रिपोर्टों में ऐसे आरोप संतों की ओर से लगाए जाने का उल्लेख है, लेकिन किसी कंपनी के खिलाफ ऐसा तथ्यात्मक प्रमाण या आधिकारिक जांच का निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो कि प्रेमानंद महाराज को किसी कंपनी ने 'प्लांट' किया था.
नीतू मैम के बयान से क्यों शुरू हुई नई बहस?
इस पूरे विवाद में शिक्षिका नीतू मैम का एक बयान भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है. उन्होंने प्रेमानंद महाराज की शिक्षाओं और रसिक दुलारी की मौत को जोड़ते हुए सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से 'राधा-राधा' नाम का जाप कर रहा था तो उसके साथ ऐसी मौत कैसे हुई. उन्होंने इसके बाद चीन का उदाहरण देते हुए धार्मिक आस्था, शिक्षा और कौशल को लेकर अपनी राय रखी और सवाल किया कि लोग बाबाओं को समृद्ध करने के बजाय शिक्षा और स्किल पर ध्यान क्यों नहीं देते. यह नीतू मैम की राय और टिप्पणी है. इसे रसिक दुलारी की मौत का कारण या किसी धार्मिक शिक्षा की पुष्टि/खंडन के रूप में पेश नहीं किया जा सकता.
आश्रम की ओर से क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद श्रीहित राधा केलिकुंज ट्रस्ट की ओर से भी बयान जारी किया गया. ट्रस्ट ने रसिक दुलारी की मौत पर दुख जताया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की. साथ ही उसने पुलिस की निष्पक्ष और तथ्यात्मक जांच में पूरा सहयोग करने की बात कही. ट्रस्ट ने लोगों से अपुष्ट जानकारी, अफवाह और अनुमान के आधार पर बयान या प्रचार करने से बचने की अपील की. यानी आश्रम की तरफ से भी फिलहाल यही कहा गया है कि जांच पूरी होने के बाद वास्तविक तथ्य सामने आएंगे.




