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जान बचाने के लिए युवक ने लिया राहुल गांधी का नाम तो भीड़ ने कहा- यहां सब 'बाबा वाले'- चोरी के शक में पीट-पीट कर हत्या

रायबरेली में एक युवक की भीड़ ने चोरी के शक में पीट-पीटकर हत्या कर दी. जान बचाने के लिए युवक ने राहुल गांधी का नाम लिया, लेकिन भीड़ में से किसी ने कहा, "यहां सब 'बाबा वाले' हैं." घटना का दर्दनाक वीडियो सामने आया है, जिसमें युवक को बेरहमी से पीटा जाता दिख रहा है. पुलिस ने अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन पुलिसकर्मी निलंबित और एक अधिकारी का ट्रांसफर किया गया है.

जान बचाने के लिए युवक ने लिया राहुल गांधी का नाम तो भीड़ ने कहा- यहां सब बाबा वाले- चोरी के शक में पीट-पीट कर हत्या
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी6 Mins Read

Updated on: 5 Oct 2025 6:59 PM IST

उत्तर प्रदेश के रायबरेली के ऊंचाहार इलाके में 3 अक्टूबर की रात हुई क्रूर हत्या ने पूरे देश को हैरान कर दिया है. 38 साल के हरिओम को गांववालों ने पकड़कर पहले बेरहमी से पीटा, फिर अधमरे हालत में रेलवे ट्रैक किनारे फेंक दिया. सवाल उठता है कि क्या किसी ने उसे सच में "ड्रोन चोर" मान लिया था, या कहीं और कोई राज़ छिपा था? 4 अक्टूबर को सामने आए नए वीडियो में जो कुछ हो रहा वह हैरान कर देता है.

वीडियो में हरिओम पीटते हुए बार-बार 'राहुल गांधी' का नाम लेता है, और भीड़ में से कोई कहता है, 'यहां सब बाबा वाले हैं.' क्या यही कारण था कि भीड़ ने उसकी नहीं सुनी? या फिर क्या ग्रामीणों ने अपने ही कानून को अपने हाथ में लेने का फैसला कर लिया था?

घटना की शुरुआत- 1 अक्टूबर की रात

हरिओम अपने फतेहपुर जिले के तरावती गांव से ऊंचाहार-डलमऊ मार्ग की ओर जा रहा था. तभी गांव के 24-25 लोग उसे पकड़ लेते हैं. सवाल उठता है क्या उन्होंने उसे चोर मान लिया था, या किसी व्यक्तिगत रंजिश ने इस नरसंहार को जन्म दिया? पहले उसे बेल्ट और डंडे से पीटा गया, अधमरा कर शर्ट से हाथ बांधे गए. सवाल ये है कि क्या इतनी क्रूरता का कोई न्यायसंगत कारण हो सकता है? फिर उसे रेलवे ट्रैक किनारे फेंक दिया गया। 2 अक्टूबर की सुबह उसका खून से लथपथ शव मिला.

4 अक्टूबर का वीडियो: सच्चाई सामने

1 मिनट 21 सेकेंड के वीडियो में हरिओम जमीन पर अधमरा पड़ा है. भीड़ उसके प्राइवेट पार्ट और जांघों पर डंडे बरसा रही है. क्या किसी ने सोचा कि यह मानवता पर हमला है या सिर्फ "सजा" थी? इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ऊंचाहार कोतवाल संजय कुमार का ट्रांसफर किया गया, जबकि तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया.

परिवार की बात

हरिओम की पत्नी पिंकी बताती हैं कि उनका पति मानसिक रूप से कमजोर था. क्या किसी ने यह स्थिति समझने की कोशिश की, या भीड़ ने अपने फैसले पर अडिग रहना तय कर लिया था? यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, बल्कि हमारे समाज में फैलते गुस्से, अंधविश्वास और भीड़-तंत्र का आईना है. सवाल उठता है,क्या हम इस तरह की क्रूरता को रोक पाएंगे?

कांग्रेस ने वीडियो शेयर कर क्या लिखा?

कांग्रेस ने ट्वीट कर लिखा कि, रायबरेली के हरिओम ने जिस तरह से मरने से पहले राहुल गांधी को कराहती आवाज में पुकारा है उसमें उम्मीद नजर आती है...मरने से पहले बचने की आखिरी उम्मीद... ये आवाज राहुल गांधी तक पहुंचनी चाहिए और राहुल गांधी को हरिओम के घर तक पहुंचना चाहिए...जिससे हरिओम के घरवालों को भरोसा हो न्याय मिलने का, हौसला मिले न्याय मिलने तक लड़ने का कि इस मुश्किल लड़ाई में हम अकेले नहीं हैं. उम्मीद है कि राहुल गांधी हमेशा की तरह इस उम्मीद को भी पूरा करेंगे.

मरने वाले युवक ने लिया राहुल गांधी का नाम- क्या बवाल सोशल में?

Suraj Kumar Bauddh नाम के एक यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा कि, रायबरेली में चोरी के शक में दलित युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या का वीडियो अत्यंत भयावह है. जान बचाने के लिए युवक 'राहुल गांधी' का नाम लिया, लेकिन यह सुनते ही रक्तपिपासु गंवारों की भीड़ ठहाके लगाते हुए कहती है- "यहां सब बाबा वाले हैं. योगी सरकार के लिए यह अत्यंत शर्म और चिंता की बात है कि यहां उत्तर प्रदेश में रक्तपिपासु भीड़ उनके नाम पर ठहाके लगाकर एक दलित की निर्मम हत्या कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम से लोगों में कानून व्यवस्था का डर स्थापित होना चाहिए, न कि Mob Lynching करने की प्रेरणा. आगे लिखा कि, यह इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश में दलितों एवं आम लोगों की जान खतरे में है. कानून व्यवस्था पूरी तरह से खत्म हो चुकी है. आगे का विडियो इतना Triggering है कि हम उसे पोस्ट नहीं कर सके.

आगे लिखा कि, हम सरकार से मांग करते हैं कि इस हत्याकांड में शामिल वैभव सिंह, विपिन मौर्या, सहदेव पासी, विजय कुमार और सुरेश मौर्या के खिलाफ कठोर धाराओं में FIR दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी और कार्रवाई की जाए। साथ ही, इस मामले में एक फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करके त्वरित न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए, ताकि तय समय सीमा के भीतर दोषियों को सबसे कड़ी सजा मिल सके.

Risky Yadav नाम के एक यूजर ने लिखा कि, प्रिये- अखिलेश यादव रायबरेली में दलित युवक की हत्या ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया है. क्या वो इंसान इस तरह की मौत का हकदार था ? क्या अब मौतों पर सड़क से सदन घेरने वाली रणनीति बंद हो गई हैं अगर नही तो निकलिये पूरे लश्कर के साथ. खुलकर राजनीति कीजिये इस मुद्दे पर क्योंकि ये ये हत्या योगी के समर्थकों ने राजनीतिक नाम पूछकर ही की है. Mohd Shadab Khan नाम के एक यूजर ने लिखा कि, उत्तर प्रदेश रायबरेली, फतेहपुर कोतवाली के 38 वर्षीय हरिओम को “ड्रोन चोरी” के शक में भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला, उसका आधा नग्न शरीर injuries से भरा रेलवे स्टेशन के पास मिला. वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है, एक व्यक्ति ने हरिओम के गले पर लगातार पैर रखा. दो लोग डंडे से जांघ पर लगातार वार कर रहे थे. पूरा शरीर घावों से भर गया, चेहरा और सिर खून से लथपथ. हरिओम दर्द में चिल्लाया और कहा: “राहुल गांधी।” लेकिन भीड़ ने कहा: 'यहां सब बाबा वाले हैं.' और रौब के साथ पीटते रहे, इतनी क्रूरता, इतनी बर्बरता कि इंसानियत शर्मसार हो जाए.

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