प्रतीक यादव ने बिजनेस पार्टनर पर लगाया था 4 करोड़ की रंगदारी का आरोप, कोविड में बिगड़ी तबीयत, फिर लगे इतने झटके
प्रतीक यादव ने अपने बिजनेस पार्टनर पर 4 करोड़ रुपये की रंगदारी, धोखाधड़ी और धमकी देने का आरोप लगाया था. इसी दौरान कोविड के बाद उनकी सेहत लगातार बिगड़ती गई और निजी जीवन में भी कई बड़े झटके लगे, जिनमें परिवार के सदस्यों की मृत्यु शामिल थी. बाद में यह मामला एफआईआर तक पहुंचा और अब उनके निधन के बाद फिर चर्चा में आ गया है.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का बुधवार 13 मई को सुबह-सुबह निधन होने की खबर सामने आती है जिसके बाद चारों और हलचल मच जाती है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो जाते हैं लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत की खबर साफ हो जाती है.
बताया जाता है कि प्रतीक यादव की मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई है. इसी के साथ अब प्रतीक के निजी और कारोबाजी जीवन से जुड़ी हुई कई पुरानी कानूनी जानकारी भी खुलने लगती है. साल 2025 में उन्होंने अपने एक पूर्व बिजनेस पार्टनर पर 4 करोड़ से अधिक की रंगदारी, धमकी और ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था. यह मामला गौतमपल्ली थाने में दर्ज एफआईआर से जुड़ा बताया जा रहा है.
प्रतीक यादव का पत्नी अपर्णा के बीच कैसे थे रिश्ते?
प्रतीक यादव के मरने के बाद उनका एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें वह कह रहे हैं 19 जनवरी 2026 को मेरी और मेरी पत्नी अपर्णा के बीच एक बहुत भयानक विवाह हुआ था और जिसके कारण हमने दो पोस्ट डाली थी हमने उसे सुलझा लिया है और जिन लोगों को इस विवाद से सुलझाने से दिक्कत हो रही है वो सब भाड़ में जाए.
क्या था 4 करोड़ की रंगदारी का मामला?
प्रतीक यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि उनके पूर्व कारोबारी सहयोगी ने उनसे करीब 4 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की और उनकी छवि खराब करने की धमकी दी. FIR के अनुसार, तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात, ब्लैकमेलिंग और धमकी जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया था. शिकायत में यह भी बताया गया कि दोनों ने 2015 में मिलकर एक रियल एस्टेट कंपनी 'Monal Infratech Pvt Ltd' की शुरुआत की थी.
कोरोना के बाद प्रतीक को तीन झटके...
प्रतीक यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना के दौरान उनकी सेहत खराब होती गई और वे दो साल तक बीमार होते रहे इस दौरान उन्हें जीवन में कई झटको का सामना करना पड़ा. जैसे ही सितंबर 2022 में उनकी मां का निधन हो गया फिर अगले महीने उनके पिता मुलायम सिंह यादव का निधन हो गया और नवंबर में प्रतीक के मामा ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया था. जिसके बाद वे मानसिक रूप से प्रभावित हो गए थे.
क्या कारोबारी साझेदार ने बढ़ाया दबाव?
शिकायत के अनुसार, बीमारी और पारिवारिक संकट के दौरान उनके बिजनेस पार्टनर ने आर्थिक दबाव और कथित शोषण और तेज कर दिया. आरोप है कि उनसे अतिरिक्त पैसे वसूले गए और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. बाद में जब उन्होंने विरोध किया, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई. एफआईआर में यह भी दावा किया गया है कि उन्हें ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए लगातार धमकियां दी गईं और इसमें पार्टनर के परिवार के दो सदस्यों की भी भूमिका बताई गई.
क्या मौत के बाद फिर चर्चा में आया पुराना केस?
प्रतीक यादव के निधन के बाद यह पुराना मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है. हालांकि, पुलिस और आधिकारिक एजेंसियों की ओर से मौत के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार किया जा रहा है.




