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नोएडा हिंसा की डील 1 करोड़ में, इस देश से आया था पैसा; सत्यम और आकृति कौन, जिन पर हुई NSA की कार्रवाई

नोएडा श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में पुलिस ने सत्यम वर्मा और आकृति पर NSA लगाया है. जांच में सत्यम के खातों में विदेशों से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग मिलने का दावा किया गया है.

नोएडा हिंसा की डील 1 करोड़ में, इस देश से आया था पैसा; सत्यम और आकृति कौन, जिन पर हुई NSA की कार्रवाई
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( Image Source:  @SachinGuptaUP- X )
मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Published on: 15 May 2026 4:37 PM

नोएडा हाल ही में हुए श्रमिक आंदोलन और उससे जुड़े हिंसक प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपी सत्यम वर्मा और आकृति पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगा दिया है. पुलिस का दावा है कि दोनों की भूमिका आंदोलन के दौरान भीड़ को भड़काने, हिंसा फैलाने और माहौल को अराजक बनाने में सामने आई है. अब इस पूरे मामले ने राजनीतिक और वैचारिक बहस को भी तेज कर दिया है.

गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों की जांच के दौरान पुलिस को वित्तीय लेन-देन से जुड़े कुछ अहम इनपुट भी मिले हैं. जांच एजेंसियों के मुताबिक, सत्यम वर्मा के बैंक खातों में एक करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम विदेशी मुद्रा- डॉलर, पाउंड और यूरो के रूप में अलग-अलग देशों से आई थी. दावा है कि बाद में यह रकम कई निजी खातों में ट्रांसफर भी की गई. फिलहाल पुलिस विदेशी फंडिंग, बैंक ट्रांजैक्शन और उससे जुड़े नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है.

सत्यम वर्मा कौन हैं?

सत्यम वर्मा लंबे समय तक पत्रकारिता और वैचारिक लेखन से जुड़े रहे हैं. उन्होंने समाचार एजेंसी यूनिवर्ता में कई वर्षों तक काम किया है. सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में पोस्ट करने वाले लोगों के मुताबिक, वे क्रांतिकारी इतिहास और वैचारिक साहित्य पर अपने काम के लिए भी पहचाने जाते रहे हैं. बताया जाता है कि उन्होंने 'भगत सिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण दस्तावेज़' जैसी चर्चित ऐतिहासिक कृति का संपादन किया था.

इसके अलावा इतिहासकार रोमिला थापर की चर्चित पुस्तक 'सोमनाथ' का हिंदी अनुवाद भी किया था. सत्यम वर्मा इतिहासकार प्रोफेसर लाल बहादुर वर्मा के बेटे बताए जाते हैं. पुलिस अब उनके सामाजिक, वैचारिक और संगठनात्मक संबंधों के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है.

आकृति कौन हैं?

आकृति को पुलिस 'मजदूर बिगुल दस्ता' संगठन से जुड़ा हुआ बता रही है. नोएडा श्रमिक आंदोलन हिंसा मामले में पुलिस ने आकृति को गिरफ्तार किया था और अब आकृति पर NSA भी लगाया गया है. जानकारी के मुताबिक, आकृति ने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में स्नातकोत्तर किया है.

उन्होंने दौलत राम कॉलेज से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और आगे पीएचडी की तैयारी कर रही थी. आरोप है कि आंदोलन के दौरान संगठित गतिविधियों और लोगों को जुटाने में उनकी भूमिका रही. हालांकि, मामले में अदालत में अभी अंतिम निष्कर्ष आना बाकी है और जांच एजेंसियां लगातार साक्ष्य जुटाने में लगी हैं.

अब हाईकोर्ट पहुंचा मामला

इसी बीच सत्यम वर्मा ने अपनी गिरफ्तारी और हिरासत को अवैध बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में Habeas Corpus याचिका दायर की है. जेल में बंद सत्यम वर्मा की ओर से उनकी पत्नी ने यह याचिका दाखिल की है. याचिका में अदालत से तत्काल हस्तक्षेप कर रिहाई देने की मांग की गई है. साथ ही पुलिस रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की अपील भी की गई है. मामले में अदालत 18 मई को सुनवाई कर सकती है.

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