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नोएडा में बनेगी सबसे ऊंची एलिवेटेड रोड, मेट्रो और हाईटेंशन लाइन के ऊपर से गुजरेगा चिल्ला-सेक्टर 94 प्रोजेक्ट

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर जाम कम करने के लिए बनने वाली चिल्ला-सेक्टर 94 एलिवेटेड रोड अब नोएडा की सबसे ऊंची सड़क बनने जा रही है. मेट्रो लाइन और हाईटेंशन तारों की वजह से इसकी ऊंचाई 4 मीटर से बढ़ाकर करीब 12 मीटर करने का फैसला लिया गया है. इससे परियोजना की लागत भी बढ़ सकती है.

Noida’s Tallest Elevated Road Planned Chilla to Sector 94 Link to Cross Metro and High-Tension Lines
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चिल्ला-सेक्टर 94 एलिवेटेड रोड बनेगी नोएडा की सबसे ऊंची सड़क
( Image Source:  Google Gemini )
मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा3 Mins Read

Updated on: 6 Jun 2026 8:40 PM IST

Noida’s Tallest Elevated Road: दिल्ली और नोएडा के बीच ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए प्रस्तावित चिल्ला से सेक्टर-94 एलिवेटेड रोड अब इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद खास परियोजना बनने जा रही है. यह एलिवेटेड रोड नोएडा की सबसे ऊंची सड़क के रूप में विकसित होगी. प्रोजेक्ट के सामने आई तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए नोएडा प्राधिकरण ने इसकी डीपीआर में बड़े बदलाव किए हैं.

करीब 1.5 किलोमीटर लंबे इस एलिवेटेड रोड का रूट ओखला बर्ड सेंचुरी के पास से तय किया गया है. हालांकि, निर्माण के दौरान दो बड़ी बाधाएं सामने आईं। पहली, इस मार्ग पर पहले से मौजूद मेट्रो लाइन और दूसरी, मेट्रो ट्रैक के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन. इन दोनों चुनौतियों के चलते सड़क को नीचे से निकालना संभव नहीं था. ऐसे में अब एलिवेटेड रोड को मेट्रो और हाईटेंशन तारों के ऊपर से सुपर-एलिवेटेड डिजाइन के तहत बनाया जाएगा. इसके लिए सड़क की ऊंचाई में बड़ा बदलाव किया गया है.



पहले के मुकाबले तीन गुना होगी सड़क की चौड़ाई

शुरुआती योजना में इस सड़क की ऊंचाई लगभग 4 मीटर प्रस्तावित थी, लेकिन नई डिजाइन के तहत अब इसे करीब 12 मीटर तक ऊंचा बनाया जाएगा. यानी सड़क की ऊंचाई पहले के मुकाबले लगभग तीन गुना होगी. यह बदलाव करीब 800 मीटर लंबे हिस्से में किया जाएगा, जहां सड़क का लेवल धीरे-धीरे ऊपर और नीचे लाया जाएगा ताकि ढलान संतुलित बनी रहे.

परियोजना की लागत क्या बढ़ेगी?

तकनीकी बदलावों का असर अब परियोजना की लागत पर भी दिखाई देगा. पहले इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 150 करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन अब पिलर्स की ऊंचाई बढ़ने और अतिरिक्त इंजीनियरिंग कार्य की वजह से लागत में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है.



नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, मेट्रो लाइन के ऊपर मौजूद हाईटेंशन तारों के कारण सड़क की ऊंचाई बढ़ाने का फैसला लिया गया है. फिलहाल संशोधित डीपीआर तैयार की जा रही है और अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है, साथ ही यह सड़क शहर की सबसे ऊंची एलिवेटेड रोड के रूप में नई पहचान भी बनाएगी.

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